
देहरादून – देहरादून जनपद के चकराता ब्लॉक स्थित सुदूरवर्ती ग्राम चिल्हाड में प्रदेश सरकार की पहल ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार, प्रशासन गांव की ओर’ अभियान के तहत एक व्यापक जनसेवा शिविर का आयोजन किया गया। उप जिलाधिकारी प्रेम लाल की अध्यक्षता में आयोजित इस बहुउद्देशीय शिविर में ग्रामीणों की समस्याएं सुनी गईं और मौके पर समाधान के प्रयास किए गए। शिविर में 1041 से अधिक लाभार्थियों को विभिन्न विभागीय योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया।

ग्रामीणों तक पहुंचा प्रशासन
कार्यक्रम के दौरान एसडीएम ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रशासनिक सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाना है, ताकि लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए तहसील या जिला मुख्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने बताया कि ऐसे शिविरों के माध्यम से प्रमाण पत्र, पेंशन, स्वास्थ्य सेवाएं और अन्य आवश्यक सुविधाएं मौके पर ही उपलब्ध कराई जा रही हैं।
ग्रामीणों ने शिविर में कुल 21 शिकायतें दर्ज कराईं। इनमें से 6 शिकायतों का समाधान तत्काल मौके पर कर दिया गया, जबकि शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को अग्रसारित करते हुए समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया कि प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए प्राथमिकता पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
किन मुद्दों पर उठी आवाज
शिविर में जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने सड़क, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, सिंचाई, अवैध खनन और अतिक्रमण जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। विभागवार देखें तो लोक निर्माण विभाग से संबंधित 8 शिकायतें सामने आईं, जबकि राजस्व, ग्राम विकास, वन, जल संस्थान, शिक्षा, उद्यान, पशुपालन, कृषि, पीएमजीएसवाई और सिंचाई विभाग से जुड़ी शिकायतें भी दर्ज की गईं।
यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति और प्रशासनिक हस्तक्षेप की आवश्यकता को दर्शाती है।
स्वास्थ्य सेवाओं का व्यापक लाभ
शिविर का सबसे महत्वपूर्ण पहलू स्वास्थ्य सेवाएं रहीं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एलोपैथिक पद्धति से 551 और होम्योपैथिक पद्धति से 45 लोगों की जांच की। सभी मरीजों को निःशुल्क दवाइयां भी वितरित की गईं। सुदूर क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों के लिए यह सेवा विशेष रूप से लाभकारी रही, जहां नियमित स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच सीमित रहती है।
कृषि और पशुपालन को समर्थन
कृषि विभाग ने 73 किसानों को कृषि यंत्र, बीज और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से संबंधित लाभ प्रदान किए। वहीं उद्यान विभाग ने 23 किसानों को योजनाओं से जोड़ा। पशुपालन विभाग द्वारा 253 पशुपालकों को पशुओं के लिए निःशुल्क दवाइयां वितरित की गईं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का निस्तारण
समाज कल्याण विभाग ने पेंशन से जुड़े 11 मामलों का समाधान किया। पंचायती राज विभाग ने 28 किसान पेंशन और परिवार रजिस्टर की नकल जारी की। बाल विकास विभाग द्वारा 4 लाभार्थियों को मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना और किशोरी किट का वितरण किया गया। वन विभाग और ग्राम्य विकास विभाग ने भी क्रमशः 11 और 24 लोगों को विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान किया।
जनभागीदारी से मजबूत होगा अभियान
शिविर में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, ग्राम प्रधानों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति रही। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि आगे भी ऐसे शिविर आयोजित किए जाएंगे ताकि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। प्रशासन का मानना है कि जनभागीदारी से ही योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन संभव है।
मुख्यमंत्री के संकल्प का जमीनी असर
यह आयोजन राज्य सरकार के उस संकल्प को दर्शाता है, जिसके तहत प्रशासन को गांवों तक ले जाकर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। सुदूर चिल्हाड जैसे क्षेत्रों में इस प्रकार के शिविर न केवल राहत प्रदान करते हैं, बल्कि सरकार और जनता के बीच विश्वास को भी मजबूत करते हैं।
निष्कर्ष
चिल्हाड में आयोजित यह बहुउद्देशीय जनसेवा शिविर ग्रामीणों के लिए राहत और सुविधा दोनों लेकर आया। शिकायतों के त्वरित निस्तारण, स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और विभिन्न विभागीय योजनाओं के लाभ वितरण ने यह साबित किया कि यदि प्रशासन गांव की ओर बढ़े, तो जनसमस्याओं का समाधान अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकता है।