
चम्पावत – जनपद चम्पावत में सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने और यातायात नियमों के उल्लंघन पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से परिवहन विभाग ने दो-दिवसीय विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया। जिलाधिकारी मनीष कुमार के निर्देश पर आयोजित इस अभियान का नेतृत्व संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) मनोज बगोरिया ने किया। अभियान के दौरान चम्पावत, लोहाघाट, बाराकोट, घाट और पनार क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर वाहन चेकिंग की गई।
दो दिनों तक चले इस सघन अभियान में नियमों का उल्लंघन करने वाले 215 वाहनों के चालान किए गए। इसके अतिरिक्त 2 वाहनों को सीज़ किया गया और 21 चालकों के दस्तावेज जब्त किए गए। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जनपद में सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में गंभीर प्रयास है।
अभियान के दौरान सबसे अधिक कार्रवाई हेलमेट न पहनने वालों पर की गई। बिना हेलमेट वाहन चलाने पर 130 चालान किए गए। वहीं सीट बेल्ट का उपयोग न करने पर 50 वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इसके अलावा बिना बीमा 13, बिना टैक्स 10, ओवरस्पीडिंग के 8, बिना फिटनेस प्रमाणपत्र 5, बिना प्रदूषण प्रमाणपत्र 6, ओवरलोडिंग के 4, ट्रिपल राइडिंग के 4 और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग करने पर 2 चालान किए गए।
चेकिंग के दौरान एक गंभीर मामला चम्पावत क्षेत्र में सामने आया, जहां एक प्रतिष्ठित विद्यालय की बस बच्चों को लेकर संचालित होती पाई गई। जांच में खुलासा हुआ कि बस बिना फिटनेस प्रमाणपत्र, बिना टैक्स, बिना परमिट और बिना बीमा के चलाई जा रही थी। इसे बच्चों की सुरक्षा के साथ गंभीर लापरवाही मानते हुए परिवहन विभाग ने बस को भारी जुर्माने के साथ कोतवाली चम्पावत में सीज़ कर दिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि स्कूली वाहनों के मामले में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
लोहाघाट क्षेत्र में रात्रि चेकिंग के दौरान एक चालक को नशे की हालत में वाहन चलाते हुए पकड़ा गया। शराब के प्रभाव में वाहन संचालन को अत्यंत गंभीर अपराध मानते हुए संबंधित वाहन को कोतवाली लोहाघाट में सीज़ कर दिया गया। विभाग ने दोहराया कि नशे में वाहन चलाना न केवल चालक, बल्कि अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं के जीवन के लिए भी खतरा है।
इसके अतिरिक्त एआरएम लोहाघाट धीरज वर्मा के साथ संयुक्त अभियान चलाकर टैक्सी चालकों द्वारा की जा रही ओवरलोडिंग पर भी कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने पाया कि कुछ वाहन निर्धारित क्षमता से अधिक सवारियां लेकर चल रहे थे, जो दुर्घटना की स्थिति में बड़ा जोखिम बन सकता है। ऐसे मामलों में चालान के साथ कड़ी चेतावनी भी दी गई।
सीमावर्ती क्षेत्रों घाट और पनार में पिथौरागढ़ जनपद के एआरटीओ (प्रवर्तन) शिवांश कांडपाल के साथ संयुक्त चेकिंग अभियान संचालित किया गया। इस दौरान नियमों का उल्लंघन करने पर एक UTC बस का भी चालान किया गया। विभाग ने कहा कि सार्वजनिक परिवहन सेवाओं पर भी समान रूप से नियम लागू होते हैं और किसी भी वाहन को छूट नहीं दी जाएगी।
परिवहन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे सड़क सुरक्षा को अपनी सामूहिक जिम्मेदारी समझें। हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग केवल जुर्माने से बचने का साधन नहीं, बल्कि जीवन रक्षा का महत्वपूर्ण उपाय है। वाहन स्वामियों को अपने सभी दस्तावेज—बीमा, टैक्स, फिटनेस और प्रदूषण प्रमाणपत्र—समय पर अद्यतन रखने चाहिए। साथ ही वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करें और कभी भी नशे की हालत में ड्राइविंग न करें।
अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया कि ऐसे प्रवर्तन अभियान आगे भी नियमित रूप से चलाए जाएंगे। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और सुरक्षित यातायात संस्कृति विकसित करने के लिए निरंतर निगरानी और कार्रवाई आवश्यक है।
इस अभियान में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) मनोज बगोरिया, परिवहन उप निरीक्षक आनंद सिंह बिष्ट, परिवहन आरक्षी महेंद्र पाल, किशन कुमार आर्या और नीरज कुमार सहित अन्य कर्मियों ने सक्रिय भूमिका निभाई।
दो दिनों में हुई इस व्यापक कार्रवाई से स्पष्ट संदेश गया है कि चम्पावत में यातायात नियमों की अनदेखी अब आसान नहीं होगी। प्रशासन का उद्देश्य दंड देना नहीं, बल्कि जनपद में सुरक्षित और अनुशासित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करना है, ताकि हर नागरिक सुरक्षित घर लौट सके।