
हल्द्वानी, उत्तराखंड। शहर के मुखानी थाना क्षेत्र से धोखाधड़ी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ लामाचौड़ क्षेत्र में दुकान चलाने वाला एक ज्वेलर कई ग्राहकों के लाखों रुपये के जेवर और नकदी लेकर फरार हो गया है। पीड़ितों का आरोप है कि आरोपी ज्वेलर ने नए गहने बनाने, पुराने जेवर ठीक करने और हॉलमार्किंग के नाम पर उनसे सोना और बड़ी रकम वसूली थी। मंगलवार को इस मामले में ठगी के शिकार हुए सात लोगों ने एसएसपी मंजूनाथ टीसी से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई, जिसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। एसएसपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मुखानी थानाध्यक्ष को तत्काल कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
सुनियोजित ठगी: कैसे जाल में फंसे मासूम ग्राहक?
घटनाक्रम के अनुसार, आरोपी ज्वेलर मूल रूप से अल्मोड़ा का निवासी है और लामाचौड़ क्षेत्र में अपनी दुकान चलाता था। उसने स्थानीय लोगों का विश्वास जीतकर उन्हें जेवर सुरक्षित रखने और नए डिजाइन बनाने का झांसा दिया। पीड़ितों ने बताया कि आरोपी ने कुल 228.3 ग्राम सोना और लगभग 3.60 लाख रुपये की नकदी हड़प ली है।
हैरानी की बात यह है कि जब ज्वेलर फरार हुआ, तो उसकी पत्नी ने साजिश के तहत मुखानी थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी, ताकि पुलिस और जनता का ध्यान भटकाया जा सके। सोमवार को जब पीड़ित अपनी शिकायत लेकर थाने पहुँचे थे, तो वहां उनकी सुनवाई नहीं हुई, जिसके बाद उन्हें सीधे एसएसपी कार्यालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा।
इन लोगों ने दर्ज कराई शिकायत और गंवाई अपनी जमापूंजी
एसएसपी को दिए गए शिकायती पत्र में सात पीड़ितों ने अपनी आपबीती सुनाई है:
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पूरन सिंह बोहरा: इन्होंने 40.550 ग्राम सोने के गहने और 100 ग्राम का एक सिक्का ज्वेलर को दिया था।
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बसंती देवी: इनके 21.280 ग्राम सोना, 50 हजार रुपये नकद और 50 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए थे।
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पुष्पा कन्याल: इन्होंने 20 ग्राम सोना और 1.85 लाख रुपये नकद आरोपी को दिए थे।
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हेमलता दानू (मूल निवासी बागेश्वर): इनके 26.4 ग्राम सोना, 27 हजार नकद और 48 हजार रुपये ऑनलाइन जमा कराए गए थे।
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निर्मला निगलटिया: इन्होंने भी अपने 20 ग्राम सोने के जेवर ज्वेलर के पास गंवा दिए हैं।
जनता पर प्रभाव और सुरक्षा संबंधी चिंताएं
इस घटना ने व्यापारियों और ग्राहकों के बीच के भरोसे को तगड़ा झटका दिया है। मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए अपनी मेहनत की कमाई से सोना खरीदना एक बड़ा निवेश होता है, और इस तरह की ठगी उनके जीवनभर की बचत को खत्म कर देती है। लामाचौड़ और आसपास के इलाकों में इस घटना के बाद से लोग डरे हुए हैं और छोटे ज्वेलर्स के पास अपना कीमती सामान छोड़ने से कतरा रहे हैं।
आगे क्या और आम आदमी के लिए सीख
एसएसपी के आदेश के बाद अब पुलिस आरोपी की लोकेशन ट्रेस करने और उसकी पत्नी से पूछताछ करने की तैयारी में है। इस घटना से आम आदमी को यह सीख मिलती है कि:
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किसी भी कीमती धातु या बड़े लेन-देन के लिए केवल अधिकृत और प्रतिष्ठित शोरूम पर ही भरोसा करें।
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जेवर देते समय हमेशा पक्की रसीद और हॉलमार्किंग के दस्तावेज मांगें।
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दुकानदार के व्यवहार में अचानक आए बदलाव या दुकान बंद रहने की स्थिति में तुरंत सतर्क हों।
निष्कर्ष: भरोसे का कत्ल और पुलिस की चुनौती
हल्द्वानी की यह घटना दर्शाती है कि अपराधी किस तरह पारिवारिक सहानुभूति (गुमशुदगी का नाटक) का सहारा लेकर कानून से बचने का प्रयास करते हैं। अब पूरी जिम्मेदारी मुखानी पुलिस पर है कि वे जल्द से जल्द आरोपी को गिरफ्तार करें और पीड़ितों का कीमती सोना और पैसा वापस दिलाएं। देवभूमि में इस तरह की बढ़ती आपराधिक घटनाएं चिंता का विषय हैं।