
नैनीताल: केन्द्रीय सड़क एवं परिवहन राज्य मंत्री अजय टम्टा ने जानकारी दी है कि जनपद नैनीताल के अंतर्गत आने वाले विभिन्न सड़क मार्गों के सुधारीकरण, चौड़ीकरण और अन्य महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों के लिए सड़क परिवहन मंत्रालय भारत सरकार द्वारा विभिन्न वित्तीय स्वीकृतियां प्रदान की गई हैं। इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य जिले की प्रमुख सड़कों की स्थिति में सुधार करना और यात्रियों के लिए यातायात को सुगम बनाना है।
काशीपुर-रामनगर मोटर मार्ग राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-309 (पुराना संख्या-121) के किलोमीटर 1 से 28 के मध्य सुधार कार्यों के लिए 16.81 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। सड़क की सतह खराब होने और जगह-जगह बड़े पैच होने के कारण कॉर्बेट नेशनल पार्क जाने वाले पर्यटकों और वाहन स्वामियों को आवागमन में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। विभाग को इस मार्ग के लिए तत्काल निविदा आमंत्रित कर कार्य शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे जनता को मार्ग की जर्जर सतह से राहत मिल सके।
काठगोदाम-नैनीताल मोटर मार्ग राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-109 (पुराना संख्या-87) के गुलाबघाटी क्षेत्र में सड़क को चौड़ा करने की योजना को मंजूरी दी गई है। चैनेज 91.125 से 91.415 के बीच 290 मीटर लंबाई में मार्ग संकरा होने के कारण यहाँ अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती थी, जिससे नैनीताल और भीमताल जाने वाले यात्रियों को परेशानी होती थी। यहाँ स्लोप प्रोटेक्शन के साथ मार्ग को 2-लेन में परिवर्तित करने के लिए 61 करोड़ रुपये की लागत स्वीकृत की गई है। इस भाग में सड़क चौड़ी होने के बाद जाम की समस्या समाप्त हो जाएगी।
इसी राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-109 पर काठगोदाम स्थित कलसिया पुल पर यातायात के दबाव को कम करने के लिए किलोमीटर 90 पर 2-लेन कम्पोजिट ब्रिज का निर्माण किया जाना है। इस कार्य हेतु 6.61 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस परियोजना के लिए अनुबंध गठित किया जा चुका है और निर्माण कार्य भी प्रारंभ करा दिया गया है। यहाँ 2-लेन का नया पुल बन जाने से भारी वाहनों का आवागमन आसान होगा और स्थानीय स्तर पर लगने वाले जाम से निजात मिलेगी।
रानीबाग क्षेत्र में यातायात के भारी दबाव और जाम की स्थिति को देखते हुए यहाँ एक अंडरपास का निर्माण प्रस्तावित किया गया है। काठगोदाम-नैनीताल मार्ग पर बनने वाले इस अंडरपास के लिए 17.04 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार कर ली गई है, जिसे शीघ्र ही स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। इस योजना के प्रभावी होने से यातायात दो मार्गों में विभाजित हो जाएगा, जिसमें काठगोदाम से नैनीताल जाने वाला मार्ग 2-लेन में परिवर्तित होगा और भीमताल जाने वाला यातायात नवनिर्मित अंडरपास से होकर गुजरेगा।