
नैनीताल: काठगोदाम स्थित राज्य अतिथि गृह में राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य योगेश सिंह रजवार की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में जिले के भीतर बाल अधिकारों के संरक्षण को सुदृढ़ करने और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने से जुड़े विभिन्न अहम विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में बाल संरक्षण से संबंधित कानूनी और प्रशासनिक प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल दिया गया। इस दौरान बालक-बालिकाओं की शिक्षा, उनके शोषण एवं मानसिक उत्पीड़न को रोकने के उपायों पर मंथन हुआ। साथ ही, विद्यालयों में युवाओं के बीच बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर नियंत्रण पाने के लिए विशेष रणनीति बनाने पर चर्चा की गई। बैठक में निजी विद्यालयों और पुस्तक व यूनिफॉर्म विक्रेताओं के बीच संभावित साठगांठ की कड़ी निगरानी करने की बात भी सामने आई।
अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे विद्यालयों का नियमित रूप से और औचक निरीक्षण सुनिश्चित करें। इसके साथ ही, सभी विद्यालयों में सुझाव और शिकायत पेटिकाओं की उपलब्धता अनिवार्य करने के निर्देश दिए गए। बैठक में विद्यालय भवनों के सुदृढ़ीकरण और मुख्यधारा से बाहर रह गए बच्चों को पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए एक प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने पर भी सहमति बनी।
राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य योगेश सिंह रजवार ने उपस्थित अधिकारियों को निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि बच्चों के अधिकारों के संरक्षण और उनके सर्वांगीण विकास के लिए विभागीय स्तर पर समयबद्ध और प्रभावी कार्यवाही की जानी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्कूलों में बच्चों को एक सुरक्षित, सकारात्मक और अनुकूल शैक्षिक वातावरण मिलना चाहिए।
मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविन्द राम जायसवाल ने आयोग के सदस्य द्वारा दिए गए सभी सुझावों और निर्देशों का स्वागत किया। उन्होंने आश्वस्त किया कि जिले के सभी विद्यालयों में इन सुधारात्मक उपायों को प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाएगा।
इस समीक्षा बैठक में मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविन्द राम जायसवाल, जिला शिक्षा अधिकारी पुष्कर लाल टम्टा, सभी खंड शिक्षा अधिकारी, उप शिक्षा अधिकारी, सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी, सहायक अभियंता और समग्र शिक्षा के सभी जिला समन्वयक उपस्थित रहे।