
चम्पावत – जनपद चम्पावत में लघु, मध्यम एवं बृहद सिंचाई योजनाओं तथा वाटरशेड परियोजनाओं की संगणना (डाटा संकलन एवं कम्प्यूटेशन) प्रक्रिया को प्रभावी और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से विकास भवन सभागार में जिला स्तरीय एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता जिलाधिकारी मनीष कुमार ने की।
इस प्रशिक्षण कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य जनपद स्तर पर संचालित सिंचाई एवं जल संसाधन योजनाओं से संबंधित संगणना कार्यों के क्रियान्वयन, संचालन और पर्यवेक्षण को सुव्यवस्थित करना रहा। कार्यशाला में संगणना प्रक्रिया के विभिन्न तकनीकी, प्रशासनिक एवं निगरानी से जुड़े पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि संगणना कार्यों के अंतर्गत 35 प्रतिशत कार्यों की सैंपल जांच विकास खण्ड स्तर के अधिकारियों एवं कार्मिकों द्वारा तथा 01 प्रतिशत अथवा न्यूनतम 100 ग्राम (जो अधिक हो) की सैंपल जांच जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा सुनिश्चित की जाएगी। इससे संगणना कार्यों की गुणवत्ता, विश्वसनीयता और पारदर्शिता बनी रहेगी।
इस महत्वपूर्ण कार्य में वन विभाग, जल संस्थान, पेयजल, जलागम, पंचायती राज, ग्राम्य विकास, अर्थ एवं संख्याधिकारी कार्यालय, कृषि विभाग, उद्यान विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ एक समग्र, व्यावहारिक एवं परिणामोन्मुख कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभिन्न विभागों से प्राप्त डाटा का समुचित परीक्षण एवं सत्यापन अनिवार्य रूप से किया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की त्रुटि या विसंगति की संभावना न रहे।
इसके साथ ही जिलाधिकारी ने प्रत्येक कार्ययोजना के लिए स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित करने तथा प्रभावी क्रियान्वयन हेतु सभी संबंधित विभागों में नोडल अधिकारी नामित करने के निर्देश भी दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि यदि सभी विभाग समन्वय, पारदर्शिता और गुणवत्ता को प्राथमिकता देते हुए संगणना कार्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण करें, तो जनपद में सिंचाई एवं जल संसाधन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को मजबूती मिलेगी और योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम हितग्राहियों तक सुनिश्चित हो सकेगा।
कार्यशाला के दौरान मुख्य विकास अधिकारी जी. एस. खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी, जिला विकास अधिकारी दिनेश डिगारी, अधिशासी अभियंता (लघु सिंचाई) विमल कुमार सूठा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।