
चम्पावत – जनता मिलन में उठी शिकायतों का त्वरित निस्तारण — दुग्ध समिति चौड़ासेठी में मूल्य निर्धारण पर बैठक, सिचाई नहर की मरम्मत से जलापूर्ति पुनः शुरू
जनता मिलन कार्यक्रम टनकपुर में प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रशासन की ओर से दुग्ध समिति चौड़ासेठी परिसर में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य दूध की खरीद, गुणवत्ता एवं मूल्य निर्धारण से जुड़ी किसानों की समस्याओं का मौके पर समाधान सुनिश्चित करना था।
बैठक में समिति द्वारा खरीदे जा रहे दूध की गुणवत्ता का परीक्षण किसानों की उपस्थिति में किया गया। फैट (Fat) एवं एसएनएफ (SNF – Solids Not Fat) मानकों के आधार पर नमूनों की जांच की गई, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे। अधिकारियों ने बताया कि दूध की गुणवत्ता का सीधा संबंध मूल्य निर्धारण से है, और मानकों की सटीकता से किसानों को निष्पक्ष भुगतान सुनिश्चित होता है।
दूध के रेट निर्धारण को लेकर किसानों में व्याप्त भ्रम को भी बैठक के दौरान दूर किया गया। इस मौके पर रेट चार्ट और भुगतान नीति की विस्तृत जानकारी दी गई तथा बताया गया कि दूध का मूल्य गुणवत्ता मानकों से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ा है। किसानों को सुझाव दिया गया कि भविष्य में दर संबंधी किसी भी असमंजस की स्थिति में वे सीधे समिति से संपर्क करें ताकि समस्या का त्वरित समाधान हो सके।

बैठक में हुई जांच और स्पष्टीकरण से किसानों ने संतोष व्यक्त किया। समिति पदाधिकारियों ने आश्वासन दिया कि आगे से दूध की गुणवत्ता जांच और मूल्य निर्धारण की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रखी जाएगी तथा किसानों की शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण किया जाएगा।
इसी क्रम में, जनता मिलन के दौरान बस्तिया क्षेत्र के ग्रामीणों ने सिचाई नहर के अवरुद्ध होने की शिकायत दर्ज कराई थी। संबंधित विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नहर के अवरुद्ध हिस्से की मरम्मत कर दी, जिससे सिचाई हेतु जलापूर्ति पुनः सुचारु हो गई। त्वरित निस्तारण से ग्रामीणों ने राहत और संतोष व्यक्त किया।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जनता से प्राप्त शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए तथा प्रत्येक स्तर पर पारदर्शिता और उत्तरदायित्व सुनिश्चित किया जाए।