टनकपुर स्पोर्ट्स स्टेडियम में चार खेलों के लिए प्रशिक्षकों की तैनाती, 18 मई से शुरू होगा प्रशिक्षण शिविर

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चम्पावत: जनपद में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और स्थानीय युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से टनकपुर स्पोर्ट्स स्टेडियम में खेल प्रशिक्षण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पूर्व में मुख्यमंत्री के टनकपुर दौरे के दौरान आयोजित संवाद कार्यक्रम में स्थानीय निवासियों और खेल प्रेमियों ने प्रशिक्षण की मांग रखी थी। इस मांग का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन में स्पोर्ट्स स्टेडियम टनकपुर में विभिन्न खेलों के प्रशिक्षण संचालन का निर्णय लिया गया है।

जिलाधिकारी मनीष कुमार के निर्देशानुसार खेल प्रशिक्षकों की नियुक्ति के लिए एक चयन समिति का गठन किया गया था। इस समिति ने निर्धारित चयन प्रक्रिया को पूरा करते हुए विभिन्न खेलों के लिए अनुभवी प्रशिक्षकों का चयन किया है। चयन प्रक्रिया के आधार पर महेश सिंह चुफाल को हैंडबॉल, सुभाष चन्द पाण्डेय को बास्केटबॉल, राजेन्द्र सिंह को सेपक टाकरा और प्रकाश सिंह को हॉकी खेल के प्रशिक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इन प्रशिक्षकों की नियुक्ति 18 मई 2026 से 15 मार्च 2027 तक की अवधि के लिए की गई है। नियुक्त किए गए सभी प्रशिक्षकों को खेल विभाग द्वारा निर्धारित मानकों और अनिवार्य शर्तों के अनुरूप ही प्रशिक्षण कार्य संपादित करना होगा। 18 मई से नियमित प्रशिक्षण शिविर शुरू होने के बाद स्थानीय खिलाड़ियों को प्रतिदिन सुबह और शाम के दो सत्रों में उच्च गुणवत्ता का प्रशिक्षण प्राप्त हो सकेगा।

प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में खिलाड़ियों को आधुनिक खेल तकनीकों, अनुशासन और पेशेवर प्रशिक्षण वातावरण का लाभ मिलेगा। इससे खिलाड़ियों की तकनीकी दक्षता, खेल कौशल और शारीरिक फिटनेस में सुधार होगा, जिससे वे राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए स्वयं को तैयार कर सकेंगे। खिलाड़ियों की नियमित उपस्थिति, खेल अनुशासन और प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की पूरी जिम्मेदारी संबंधित प्रशिक्षकों की होगी।

प्रशिक्षकों को खिलाड़ियों की सुरक्षा, खेल उपकरणों के संरक्षण और खेल मैदानों की गुणवत्ता बनाए रखने का दायित्व भी सौंपा गया है। जिला क्रीड़ा अधिकारी चन्दन सिंह बिष्ट ने जानकारी दी कि प्रशिक्षण शिविरों का समय-समय पर विभागीय निरीक्षण और सत्यापन किया जाएगा। प्रशिक्षण की गुणवत्ता और उपलब्धियों की समीक्षा के आधार पर ही आगामी अवधि के लिए प्रशिक्षण व्यवस्था को जारी रखने पर विचार किया जाएगा। ग्रीष्मकालीन और शीतकालीन समय-सारिणी के अनुसार नियमित प्रशिक्षण सत्र संचालित किए जाएंगे।

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