नैनीताल में अचानक मची अफरा-तफरी! कई जगह हादसों की सूचना पर दौड़ी रेस्क्यू टीमें

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नैनीताल: राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देशानुसार, नैनीताल जनपद की पांच तहसीलों – नैनीताल, हल्द्वानी, कालाढूंगी, कैंचीधाम और खनस्यू में आपदा पूर्वाभ्यास (मॉक ड्रिल) का आयोजन किया गया। पूर्वाहन 10:30 बजे, जिला आपदा परिचालन केंद्र नैनीताल को छह प्रमुख आपातकालीन घटनाओं की सूचनाएं प्राप्त हुईं। इनमें चार्टन लॉज क्षेत्र में भूस्खलन, कल्सिया नाला क्षेत्र हल्द्वानी में त्वरित बाढ़, कालाढूंगी में वन क्षेत्र में बाघ का हमला, कैंची धाम मंदिर परिसर में भगदड़, मल्लीताल में नाव पलटने और ओखलकांडा-करायल के बीच बस के खाई में गिरने की घटनाएं शामिल थीं।

इन सूचनाओं के मिलते ही, जिला प्रशासन ने राहत एवं बचाव दल, चिकित्सा स्वास्थ्य, पुलिस और आपदा प्रबंधन सहित सभी संबंधित विभागों को सूचित किया। त्वरित कार्रवाई के लिए टीमें मौके पर भेजी गईं और इंसीडेंट रिस्पांस सिस्टम (आईआरएस) प्रणाली को सक्रिय किया गया। सभी तहसील क्षेत्रों में स्टेजिंग एरिया स्थापित किए गए, जहां राहत एवं बचाव कार्य तथा घायलों का त्वरित उपचार किया गया। खोज एवं बचाव अभियान भी चलाए गए।

मॉक ड्रिल के तहत, मल्लीताल स्थित बोट हाउस क्लब में नाव पलटने से पांच पर्यटक ताल में गिर गए। राहत एवं बचाव दल ने सभी पांचों पर्यटकों को सकुशल बाहर निकाला। चार व्यक्तियों को स्टेजिंग एरिया में प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि एक गंभीर घायल को बी.डी. पांडे चिकित्सालय रेफर किया गया।

कालाढूंगी में वन क्षेत्राधिकार कार्यालय के समीप बाघ के हमले की सूचना प्राप्त हुई, जिसमें एक व्यक्ति घायल हुआ था और बाघ उसे जंगल में ले गया था। वन और पुलिस विभाग की टीम ने सर्च ऑपरेशन के बाद घायल व्यक्ति को बरामद कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कालाढूंगी रेफर किया। अभ्यास के तहत, बाघ को ट्रेंकुलाइज कर नैनीताल भेजा गया।

चार्टन लॉज क्षेत्र में भूस्खलन के कारण सात लोगों के दबे होने की सूचना मिली थी। राहत एवं बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर तीन कम घायल व्यक्तियों को सुरक्षित बाहर निकाला, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद घर भेजा गया। तीन अन्य को प्राथमिक उपचार के लिए बी.डी. पांडे नैनीताल भेजा गया और एक गंभीर घायल को उच्च उपचार के लिए रेफर किया गया।

कैंचीधाम मंदिर परिसर में भगदड़ की सूचना पर, बचाव एवं राहत दल ने बीस लोगों को रेस्क्यू किया। इनमें से तीन को स्टेजिंग एरिया में प्राथमिक उपचार दिया गया और एक व्यक्ति को निकटतम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) खैरना में भर्ती किया गया, जिसकी हालत स्थिर बताई गई।

ओखलकांडा और करायल के बीच असोड़ बैंड पर बस खाई में गिरने की सूचना मिली। बस में सवार सभी पैंतीस व्यक्तियों को रेस्क्यू कर लिया गया। चौदह घायल व्यक्तियों को प्राथमिक उपचार के बाद उनके परिजनों को सौंप दिया गया, जबकि चार गंभीर घायल व्यक्तियों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएससी) या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) ओखलकांडा/खनस्यू रेफर किया गया।

हल्द्वानी के कल्सिया नाला क्षेत्र में त्वरित बाढ़ के कारण कुछ व्यक्तियों के घायल होने की सूचना प्राप्त हुई। सभी बारह घायल व्यक्तियों को सकुशल बाहर निकाला गया। इनमें से दस को मौके पर ही प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, और दो गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को बेस अस्पताल, हल्द्वानी रेफर किया गया।

इस पूरे पूर्वाभ्यास में जनपद नैनीताल के शासन-प्रशासन, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), पुलिस कंट्रोल रूम, स्वास्थ्य विभाग, वन विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग सहित सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों और बचाव दलों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इसका उद्देश्य आपदा के दौरान त्वरित प्रतिक्रिया और प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करना था।

इस दौरान अपर जिलाधिकारी, नैनीताल, शैलेंद्र सिंह नेगी ने ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी घटनाओं की निगरानी की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) नैनीताल गोपाल गिरी गोस्वामी, संभागीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) नैनीताल गुरुदेव सिंह, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (एसीएमओ) नैनीताल, पुलिस कंट्रोल रूम से आनंद पंत और एनडीआरएफ इंस्पेक्टर नाजिम हुसैन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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