
चम्पावत: नगर पालिका परिषद लोहाघाट द्वारा वर्षों से जमा पुराने कूड़े (लेगेसी वेस्ट) के वैज्ञानिक निस्तारण का कार्य आरंभ कर दिया गया है। यह कार्य तेजी से प्रगति पर है।
इस परियोजना के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा 1 करोड़ 17 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई थी। इस पहल का उद्देश्य शहर को स्वच्छ बनाने और पर्यावरण को बेहतर बनाने की दिशा में एक ठोस कदम उठाना है।
नगर पालिका ने लोहाघाट के शंखपाल स्थित ट्रैंचिंग ग्राउंड में एकत्र लगभग 13,648 मीट्रिक टन पुराने कूड़े के वैज्ञानिक निस्तारण की प्रक्रिया शुरू की है। इस कार्य के लिए ट्रॉमल मशीन का उपयोग किया जा रहा है, जिससे कचरे को वैज्ञानिक पद्धति से विभिन्न श्रेणियों में अलग-अलग किया जा सके। इस प्रक्रिया से कचरे का सुरक्षित और व्यवस्थित निस्तारण सुनिश्चित होगा।
नगर पालिका परिषद लोहाघाट के अधिशासी अधिकारी सौरव नेगी ने बताया कि ट्रॉमल मशीन के माध्यम से कचरे को जैविक और अजैविक भागों में पृथक किया जा रहा है। जैविक कचरे का नियमानुसार निस्तारण किया जा रहा है, जबकि अजैविक कचरे को पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) के लिए अलग रखा जा रहा है। इस व्यवस्था से वर्षों से जमा कूड़े के बड़े ढेर धीरे-धीरे समाप्त होंगे और शहर की स्वच्छता व्यवस्था सुदृढ़ होगी।
अधिशासी अधिकारी ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की इस पहल से न केवल शहर की स्वच्छता में सुधार होगा, बल्कि लंबे समय से जमा कचरे से उत्पन्न होने वाली दुर्गंध और पर्यावरण प्रदूषण से भी नागरिकों को राहत मिलेगी। यह कार्य स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।