
चम्पावत: चम्पावत के कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग द्वारा जिलाधिकारी मनीष कुमार के निर्देश पर स्वामी विवेकानंद राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, लोहाघाट में एक दिवसीय रोजगार मेले का आयोजन किया गया। रोजगार मेले का शुभारंभ नगर पालिका अध्यक्ष गोविन्द वर्मा ने माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया।
इस रोजगार मेले में विभिन्न क्षेत्रों की कुल 9 कंपनियों ने हिस्सा लिया और युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान किए। इनमें हेता ऑरगेनिक, पुखराज हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड, क्वैस क्रॉप प्राइवेट लिमिटेड, जे०टी०ई०के०टी० इंडिया लिमिटेड, महिंद्रा एंड महिंद्रा प्राइवेट लिमिटेड, एडविक हाईटेक प्राइवेट लिमिटेड, मिंडा कॉरपोरेशन प्राइवेट लिमिटेड तथा सुपर साइन सर्विस प्राइवेट लिमिटेड जैसी प्रमुख कंपनियां शामिल रहीं।
इस रोजगार मेले में युवाओं ने सक्रिय भागीदारी दिखाई। कुल 219 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण करवाकर साक्षात्कार प्रक्रिया में हिस्सा लिया। कंपनियों के प्रतिनिधियों ने विभिन्न चरणों में चयन प्रक्रिया संपन्न की। इसके परिणामस्वरूप 93 अभ्यर्थियों का तत्काल अंतिम चयन किया गया, जबकि 58 अन्य अभ्यर्थियों को द्वितीय चरण के साक्षात्कार के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रकाश लखेड़ा एवं महाविद्यालय के कैरियर सेल के सदस्यों, जिनमें डॉ. रूचिर जोशी, डॉ. भगतराम लोहिया, डॉ. मीना, डॉ. उमा काण्डपाल, डॉ. सरस्वती भट्ट, डॉ. रवि सनवाल, डॉ. पंकज टम्टा एवं डॉ. मनोज कुमार शामिल थे, द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इस आयोजन की सफलता में महाविद्यालय के कर्मचारियों, साथ ही वर्तमान और पूर्व छात्रसंघ पदाधिकारियों का सहयोग भी महत्वपूर्ण रहा।
इस अवसर पर जिला सेवायोजन अधिकारी आर.के. पन्त ने चयनित अभ्यर्थियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ऐसे रोजगार मेले निजी क्षेत्र में युवाओं को नौकरी के अवसर प्रदान करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों और आयोजकों के प्रयासों की भी बात कही।
इस कार्यक्रम में सेवायोजन कार्यालय के अधिकारी और कर्मचारी, जिनमें दीपक वर्मा, नवीन चन्द्र भट्ट, देवेन्द्र सिंह बिष्ट, कृष्ण सिंह सौन, हीरा बल्लभ कुलेठा, चन्द्रशेखर जोशी, दिनेश जोशी और मनोज चौबे शामिल थे, उपस्थित रहे। इनके अतिरिक्त, विभिन्न विभागों के कर्मचारी और अन्य नागरिक भी मौजूद रहे।
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि जनपद में युवाओं को स्वरोजगार और निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए इस प्रकार के आयोजन नियमित रूप से किए जाएंगे। इसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को बढ़ावा देना है।