52 दिन की राहत! बनभूलपुरा रेलवे भूमि केस की सुनवाई फरवरी 2026 तक टली

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हल्द्वानी।
बनभूलपुरा रेलवे भूमि प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल राहत भरी खबर सामने आई है। इस मामले में चल रही सुनवाई अब फरवरी 2026 तक टल गई है। सुप्रीम कोर्ट के हालिया नोटिफिकेशन के अनुसार, इस प्रकरण को 3 फरवरी 2026 को अस्थायी रूप से सूचीबद्ध किया गया है। यानी यह तारीख फिलहाल तय मानी जा रही है, हालांकि इसमें परिवर्तन की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है।

याचिकाकर्ता की ओर से भी 3 फरवरी 2026 की तारीख मिलने की पुष्टि की गई है। सुनवाई 52 दिन आगे बढ़ने से स्थानीय स्तर पर बनभूलपुरा के निवासियों के साथ-साथ पुलिस और प्रशासन ने भी राहत की सांस ली है।

19 साल से जारी है विवाद

बनभूलपुरा रेलवे भूमि प्रकरण बीते 19 वर्षों से लंबित है। यह मामला करीब 4365 मकानों से जुड़ा हुआ है। रेलवे का दावा है कि ये मकान रेलवे और राज्य सरकार की भूमि पर अवैध रूप से बनाए गए हैं, जिसके चलते रेलवे विस्तार और नई रेल सेवाओं की योजनाएं प्रभावित हो रही हैं।

हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामला

यह प्रकरण पहले नैनीताल हाईकोर्ट में विचाराधीन रहा और बाद में सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। वर्तमान में इस मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कुल 11 याचिकाएं दाखिल हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पक्ष और विपक्ष की ओर से कई वरिष्ठ व प्रसिद्ध अधिवक्ताओं द्वारा बहस की तैयारी की गई थी।

पहले भी बढ़ चुकी हैं तारीखें

इस प्रकरण में इससे पहले 2 दिसंबर को अंतिम सुनवाई की तिथि निर्धारित थी, जिसे बढ़ाकर 10 दिसंबर किया गया। 10 दिसंबर को भी सुनवाई नहीं हो सकी और अगली तारीख 16 दिसंबर तय की गई। अब सुप्रीम कोर्ट के ताज़ा नोटिफिकेशन में इसे आगे बढ़ाते हुए 3 फरवरी 2026 कर दिया गया है।

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