
अल्मोड़ा-नगर के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले नन्दा देवी मंदिर परिसर में चल रहे विकास एवं निर्माण कार्यों की प्रगति का आज जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मंदिर समिति के पदाधिकारियों और विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ मौके पर ही कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। निरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि विकास कार्य नियोजित ढंग से हों और मंदिर की प्राचीन व सांस्कृतिक पहचान पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मंदिर परिसर में स्थापित बिजली के खंभों को लेकर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां भी आवश्यकता हो, वहां बिजली के खंभों को उचित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए, ताकि मंदिर परिसर की सुंदरता और श्रद्धालुओं की आवाजाही पर कोई बाधा न आए। इसके साथ ही उन्होंने मंदिर की बाउंड्री, मंदिर प्रांगण में चल रहे निर्माण कार्यों तथा अन्य निर्माणाधीन कार्यों का भी बारीकी से निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों से प्रगति की जानकारी ली।
स्थानीय निवासियों द्वारा उठाई गई आपत्तियों और सुझावों को भी जिलाधिकारी ने गंभीरता से सुना। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनभावनाओं का सम्मान करते हुए आपसी समन्वय से सभी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि नन्दा देवी मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि एक प्राचीन एवं सांस्कृतिक धरोहर है, जिसका संरक्षण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने यह भी निर्देशित किया कि मंदिर के प्राचीन स्वरूप को बनाए रखते हुए ही सभी विकास और निर्माण कार्य किए जाएं। उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न करने के सख्त निर्देश दिए। उनका कहना था कि अल्पकालिक सुविधा के लिए दीर्घकालिक सांस्कृतिक नुकसान स्वीकार्य नहीं होगा। इसलिए प्रत्येक कार्य विशेषज्ञों की सलाह और निर्धारित मानकों के अनुसार ही किया जाए।
जिलाधिकारी ने मंदिर समिति और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि दोनों के संयुक्त प्रयासों से ही मंदिर परिसर का संतुलित विकास और धरोहर संरक्षण संभव है। इससे न केवल श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए इस ऐतिहासिक धरोहर को सुरक्षित रखा जा सकेगा।
निरीक्षण के अवसर पर उपजिलाधिकारी संजय कुमार, क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी चंद्र सिंह चौहान, मंदिर समिति के पदाधिकारी मनोज वर्मा एवं मनोज सनवाल, पार्षद अमित साह, पार्षद अर्जुन बिष्ट सहित अन्य संबंधित अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। सभी ने मौके पर आवश्यक सुझाव रखे और कार्यों को समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने पर सहमति जताई।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में भी विकास कार्यों की नियमित निगरानी की जाएगी, ताकि मंदिर परिसर में चल रहे सभी कार्य तय समयसीमा और निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरे हों। नन्दा देवी मंदिर के संरक्षण और विकास को लेकर यह निरीक्षण एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि कार्यों की प्रगति नियमित रूप से मॉनिटर की जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य तय समयसीमा के भीतर पूरे हों और श्रद्धालुओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि पूजा-अर्चना और धार्मिक गतिविधियों में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि नन्दा देवी मंदिर से जुड़ी धार्मिक आस्थाओं और स्थानीय जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए सभी निर्णय लिए जाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भविष्य में भी स्थानीय लोगों, मंदिर समिति और जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद बनाए रखा जाए, ताकि किसी भी समस्या का समाधान समय रहते किया जा सके और मंदिर परिसर का समग्र विकास सुव्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाया जा सके।