
अल्मोड़ा – जनपद अल्मोड़ा के भतरौजखान क्षेत्र अंतर्गत जिहाड़–तराड़ी मार्ग पर गुरुवार 15 जनवरी 2026 को एक अत्यंत दुखद सड़क दुर्घटना घटित हुई। दोपहर लगभग 12:15 बजे पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि वाहन संख्या UK20TA8080 (अर्टिगा कार) अनियंत्रित होकर सड़क से लगभग 300 मीटर नीचे गहरी खाई में गिर गया है। हादसे की सूचना मिलते ही पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई।
सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए थाना भतरौजखान पुलिस टीम, फायर स्टेशन रानीखेत तथा एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना की गईं। दुर्गम और खड़ी ढलान वाला क्षेत्र होने के कारण रेस्क्यू कार्य काफी चुनौतीपूर्ण रहा। पुलिस एवं राहत दलों ने स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से गहरी खाई में उतरकर राहत एवं खोज अभियान चलाया।
रेस्क्यू टीम द्वारा दुर्घटनाग्रस्त वाहन तक पहुँचकर चालक को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौके पर ही मृत्यु हो चुकी थी। कड़ी मशक्कत के बाद मृतक के शव को खाई से निकालकर सड़क तक लाया गया। इसके बाद एहतियातन पुलिस, फायर सर्विस एवं एसडीआरएफ की संयुक्त टीमों द्वारा आसपास के क्षेत्र में सर्च अभियान भी चलाया गया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वाहन में कोई अन्य यात्री सवार न हो।

स्थानीय लोगों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त वाहन में केवल चालक ही सवार था। प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण वाहन का अनियंत्रित होना बताया जा रहा है, हालांकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पहाड़ी क्षेत्रों में संकरी सड़कें, तीव्र मोड़ और ढलान अक्सर इस प्रकार की दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं।
मृतक चालक की पहचान कुबेर सिंह (उम्र 40 वर्ष) पुत्र भूपाल सिंह, निवासी कमेटपानी बासोट के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि कुबेर सिंह अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनकी अचानक हुई मृत्यु से परिवार में कोहराम मच गया है, वहीं गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
पुलिस द्वारा आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। प्रशासन की ओर से मृतक के परिजनों को हर संभव सहायता दिलाने का आश्वासन दिया गया है। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा, वाहन की गति पर नियंत्रण और सतर्कता की आवश्यकता को उजागर किया है।
स्थानीय प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे पहाड़ी मार्गों पर अत्यधिक सावधानी बरतें, तेज गति से बचें और खराब मौसम या जोखिम भरे मोड़ों पर अतिरिक्त सतर्कता रखें, ताकि इस तरह की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।