
अल्मोड़ा-जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार कार्यक्रम के अंतर्गत आज विकासखंड धौलादेवी की न्यायपंचायत पानुवानौला स्थित गांधी इंटर कॉलेज परिसर में एक विशाल बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य शासन की योजनाओं और सेवाओं को सीधे आम जनता तक पहुँचाना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की समस्याओं का समाधान उनके निकट जाकर करना रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण नागरिकों ने सहभागिता की और विभिन्न विभागों द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का लाभ उठाया।
इस बहुउद्देशीय शिविर के माध्यम से समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास, चिकित्सा विभाग, पंचायतीराज विभाग, कृषि, उद्यान, विद्युत, पेयजल सहित अनेक विभागों ने अपने-अपने स्टाल लगाकर आमजन को सरकारी योजनाओं की जानकारी दी और पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से लाभान्वित किया। शिविर में कुल 900 से अधिक लोग विभिन्न सेवाओं और योजनाओं से लाभान्वित हुए। कई लोगों के आधार कार्ड बनाए गए, तो कई नागरिकों को ई-श्रम कार्ड की सुविधा प्रदान की गई। कुछ लाभार्थियों को मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट प्रदान की गई, जबकि समाज कल्याण विभाग के माध्यम से जरूरतमंदों को सहायक उपकरण भी वितरित किए गए।
कार्यक्रम में उपस्थित राज्य स्तरीय पेयजल अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष दिनेश आर्य ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम की मूल भावना यही है कि जनता की समस्याओं का समाधान उनके घर-द्वार के पास ही किया जाए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अधिकारी कार्यक्रम की मंशा के अनुरूप कार्य करते हुए अधिक से अधिक लोगों को योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करें, ताकि आम नागरिकों को कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और उन्हें समय पर सहायता मिल सके।
शिविर में जिलाधिकारी अंशुल सिंह भी उपस्थित रहे, जिन्होंने जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने शिविर में आए नागरिकों की एक-एक कर फरियादें सुनीं और संबंधित विभागीय अधिकारियों को त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शासन की योजनाओं और सेवाओं को सीधे आमजन तक पहुँचाना है, जिससे जनता और प्रशासन के बीच की दूरी कम हो सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार जनकल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और इस तरह के कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को राहत प्रदान की जा रही है।
जिलाधिकारी ने शिविर में लगाए गए विभिन्न विभागीय स्टालों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि अधिक से अधिक पात्र व्यक्तियों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जाए। उन्होंने कहा कि शिविरों के माध्यम से प्राप्त शिकायतों और आवेदनों का नियमित अनुश्रवण किया जाएगा, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि योजनाओं का वास्तविक लाभ सही लाभार्थियों तक पहुँचे। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि शिविर में आने वाले नागरिकों का विवरण सुरक्षित रखा जाए और बाद में उनसे संपर्क कर योजनाओं से लाभान्वित किया जाए।
इस बहुउद्देशीय शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा योजनाओं की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिससे लोगों को योजनाओं की जानकारी प्रत्यक्ष रूप से मिल सकी। शिविर के दौरान कुल 83 शिकायतें विभिन्न विभागों से संबंधित पंजीकृत की गईं। इनमें से अधिकांश शिकायतों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जबकि जिन समस्याओं का तत्काल समाधान संभव नहीं था, उन्हें अग्रिम कार्यवाही के लिए संबंधित विभागों को प्रेषित किया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि शिविर में प्राप्त सभी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
शिकायतों में सबसे अधिक संख्या पेयजल से संबंधित समस्याओं की रही। इसे गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने पेयजल निगम, जल संस्थान तथा स्थानीय प्रशासन की एक संयुक्त टीम का गठन किया और टीम को निर्देश दिए कि क्षेत्र में पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्षा हेमा गैडा, ब्लॉक प्रमुख लीला बिष्ट, अन्य जनप्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे। कुल मिलाकर यह बहुउद्देशीय शिविर ग्रामीण जनता के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हुआ, जहां एक ही स्थान पर अनेक समस्याओं का समाधान हुआ और लोगों को सरकारी योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ मिला।