
देहरादून: सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय और समाज कल्याण विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार जनपद देहरादून में 17 जून से 26 जून तक नशा मुक्त भारत अभियान संचालित किया जाएगा। इस विशेष जनजागरूकता अभियान का मुख्य विषय नशा मुक्त भारत अभियान – विकसित भारत की पहचान निर्धारित किया गया है। अभियान के सफल संचालन के लिए विभिन्न सरकारी विभागों और संस्थाओं के साथ समन्वय स्थापित कर व्यापक स्तर पर कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल ने जानकारी दी कि मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह के निर्देशों के क्रम में जनपद के सभी विकासखण्डों, बहुउद्देशीय शिविरों और पंचायत स्तर की बैठकों में नशा मुक्ति संबंधी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही विभिन्न शिक्षण संस्थानों में नशे के विरुद्ध जागरूकता कार्यक्रम होंगे। अभियान के शुरुआती चरण में 17 से 20 जून तक खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इनमें फुटबॉल, वॉलीबॉल और मैराथन शामिल हैं, जिसमें लगभग 400 प्रतिभागियों के भाग लेने की संभावना है। इन प्रतियोगिताओं के प्रथम तीन विजेताओं को पुरस्कृत कर प्रोत्साहित किया जाएगा।
अभियान के दूसरे चरण में 21 से 26 जून तक प्रत्येक विकासखण्ड स्तर पर रैलियों, दौड़ प्रतियोगिताओं, वॉकाथॉन और योग कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान भाषण प्रतियोगिता, हस्ताक्षर अभियान और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से जनसामान्य को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाएगा। विशेष कार्यक्रमों के लिए राजकीय डॉ. भीमराव आंबेडकर बालक छात्रावास कण्डोली, महिला आईटीआई परिसर और राजकीय नशा मुक्ति केन्द्र रायवाला जैसे स्थानों को चयनित किया गया है। सीआईएमएस एवं यूआईएचएमटी ग्रुप ऑफ कॉलेज सहित अन्य शिक्षण संस्थानों और नशा प्रभावित हॉटस्पॉट क्षेत्रों में भी व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाएगा।
अभियान के दौरान ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यमों से शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित कर युवाओं एवं आमजन को नशे से दूर रहने की प्रेरणा दी जाएगी। सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय स्वैच्छिक संस्थाओं को भी इस मुहिम से जोड़ा गया है। मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के फोटोग्राफ, वीडियो और व्यय का विवरण निर्धारित समय के भीतर जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराएं। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य अभियान की प्रभावी मॉनिटरिंग और मूल्यांकन करना है ताकि नशामुक्त समाज के निर्माण में जनसहभागिता सुनिश्चित की जा सके।