
अल्मोड़ा: जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत पिछले चार वर्षों में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां दर्ज की गई हैं। इस अवधि के दौरान योजना ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन, आधारभूत संरचना के विकास और आजीविका संवर्धन के क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किए हैं।
जिला विकास अधिकारी एसके पंत ने जानकारी देते हुए बताया कि वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2025-26 तक कुल 11697.71 लाख रुपये का व्यय किया गया। इस व्यय के माध्यम से लोगों को ग्रामीण विकास के कार्यों में रोजगार उपलब्ध कराया गया है।
रोजगार सृजन के क्षेत्र में मनरेगा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस अवधि में विभिन्न वित्तीय वर्षों में ग्रामीण परिवारों को रोजगार प्रदान किया गया है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में 37,272 परिवारों को रोजगार मिला। इसके बाद, वर्ष 2023-24 में 26,879 परिवारों को, वर्ष 2024-25 में 24,185 परिवारों को तथा वर्ष 2025-26 में 19,928 परिवारों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए। इन प्रयासों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक मजबूत आधार प्राप्त हुआ है।
इसके अतिरिक्त, “अमृत सरोवर” पहल के तहत जनपद में वित्तीय वर्ष 2022-23 से वर्तमान समय तक कुल 90 अमृत सरोवरों का निर्माण किया गया है। इन सरोवरों में से 79 का निर्माण मनरेगा योजना के अंतर्गत हुआ है, जबकि 11 सरोवर जलागम प्रबंधन द्वारा निर्मित किए गए हैं। इन सरोवरों को ग्रामीण आजीविका से भी जोड़ा गया है। कुल 31 सरोवरों में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को रोजगार के अवसर दिए गए हैं। इनमें से 19 सरोवरों में मत्स्य पालन गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, वहीं 3 सरोवरों में उद्यान विभाग द्वारा संबंधित कार्य चलाए जा रहे हैं।
मत्स्य पालन गतिविधियों के माध्यम से अभी तक 22.36 कुंतल मछली का उत्पादन किया गया है। इस उत्पादन से 3,96,000 रुपये की आय अर्जित हुई है। इस पहल से स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में सहायता मिली है।