प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना की समीक्षा बैठक, जिलाधिकारी ने दिए सख्त निर्देश

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अल्मोड़ा-प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना का जनपद स्तर पर प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी अंशुल सिंह की अध्यक्षता में गत दिवस संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ एक विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य योजना से जुड़े सभी विभागों की प्रगति की समीक्षा करना, आवश्यक दिशा-निर्देश देना तथा यह सुनिश्चित करना था कि योजना का लाभ समयबद्ध ढंग से पात्र कृषकों और आमजन तक पहुंचे।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना एक अत्यंत महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजना है, जिसका मूल उद्देश्य कृषकों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करना और आमजन को आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजना की सफलता तभी संभव है, जब इससे जुड़े सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी गंभीरता से करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना से संबंधित सभी आवश्यक कार्यवाहियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए, ताकि किसी भी स्तर पर लाभार्थियों को अनावश्यक विलंब या परेशानी का सामना न करना पड़े।

जिलाधिकारी ने बैठक में यह भी स्पष्ट किया कि योजना से संबंधित समस्त विभागीय सूचनाओं का समय पर पोर्टल पर अपलोड किया जाना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि पोर्टल पर सूचनाओं के अद्यतन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि यदि निर्धारित समयावधि के भीतर आवश्यक डेटा अपलोड नहीं किया गया, तो संबंधित विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। उनका कहना था कि डिजिटल माध्यम से सूचनाओं की उपलब्धता से न केवल पारदर्शिता बढ़ती है, बल्कि योजनाओं की निगरानी और मूल्यांकन भी प्रभावी ढंग से किया जा सकता है।

बैठक में जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना के क्रियान्वयन में जिन-जिन विभागों की भूमिका निर्धारित की गई है, उन सभी विभागों के अधिकारी योजना के प्रत्येक प्रावधान का गहन अध्ययन करें। उन्होंने निर्देश दिए कि अधिकारी योजना के दिशा-निर्देशों, पात्रता मानकों, लाभ वितरण की प्रक्रिया और समय-सीमा को भली-भांति समझें तथा उसी के अनुरूप कार्य योजनाएं तैयार करें। इससे यह सुनिश्चित होगा कि योजना का लाभ वास्तविक और पात्र लाभार्थियों तक पहुंचे तथा किसी प्रकार की त्रुटि या भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो।

उन्होंने आगे कहा कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभागीय स्तर पर नियमित समीक्षा आवश्यक है। अधिकारी अपने-अपने विभागों में प्रगति की निरंतर समीक्षा करें और जहां भी किसी प्रकार की समस्या या बाधा सामने आए, उसे समय रहते उच्च स्तर पर संज्ञान में लाएं, ताकि त्वरित समाधान किया जा सके। जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि योजना से जुड़े फील्ड स्तर के कर्मचारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि वही सीधे तौर पर कृषकों और आमजन से संपर्क में रहते हैं। ऐसे में यह आवश्यक है कि फील्ड स्तर पर कार्यरत कर्मियों को भी योजना के सभी पहलुओं की पूरी जानकारी हो।

बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि योजना के माध्यम से कृषकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ उनकी आय में स्थायित्व लाने के प्रयास किए जाएं। जिलाधिकारी ने कहा कि योजना के अंतर्गत प्रस्तावित गतिविधियों का क्रियान्वयन इस प्रकार किया जाए, जिससे दीर्घकालिक लाभ सुनिश्चित हो सके। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे केवल औपचारिकता तक सीमित न रहें, बल्कि जमीनी स्तर पर योजना के वास्तविक प्रभाव को भी देखें।

इस समीक्षा बैठक में उपजिलाधिकारी सदर संजय कुमार, मुख्य कृषि अधिकारी आनंद गोस्वामी सहित कृषि, राजस्व एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने अपने-अपने विभाग से संबंधित प्रगति की जानकारी दी और भविष्य की कार्ययोजनाओं पर भी चर्चा की गई। बैठक का समापन इस निर्देश के साथ हुआ कि सभी विभाग आपसी समन्वय बनाए रखते हुए प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना के लक्ष्यों को समय पर पूरा करें, ताकि जनपद के कृषकों और आमजन को इसका अधिकतम और प्रभावी लाभ मिल सके।

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