
चम्पावत – जिलाधिकारी मनीष कुमार ने जनपद में जन्म–मृत्यु पंजीकरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सुदृढ़ और जनसुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस उद्देश्य से उन्होंने संबंधित विभागों और अधिकारियों को स्पष्ट व कड़े निर्देश जारी किए हैं, ताकि आम नागरिकों को पंजीकरण प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी सहज रूप से उपलब्ध हो सके और अनावश्यक परेशानियों से बचा जा सके।
जिलाधिकारी ने बताया कि जन्म–मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 (संशोधित 2023) की धारा 7(4) के अंतर्गत प्रत्येक पंजीकरण इकाई में जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण से संबंधित आवश्यक सूचनाओं का स्पष्ट रूप से प्रदर्शन किया जाना अनिवार्य है। यह प्रावधान इसलिए किया गया है ताकि नागरिकों को यह जानकारी रहे कि पंजीकरण कहां, किस अधिकारी के माध्यम से और किन दिनों में कराया जा सकता है। इसके बावजूद हाल ही में किए गए निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि जनपद की कुछ पंजीकरण इकाइयों के परिसरों में सूचना बोर्ड प्रदर्शित नहीं किए गए हैं। इस कारण लोगों को सही जानकारी प्राप्त करने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि कई स्थानों पर नागरिकों को रजिस्ट्रार की उपलब्धता, संपर्क नंबर या पंजीकरण इकाई के नाम की जानकारी नहीं मिल पाती, जिससे उन्हें बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं। जिलाधिकारी ने इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट किया कि इस प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं है और इससे सीधे तौर पर आम जनता प्रभावित होती है।
उन्होंने निर्देश दिए कि जनपद की समस्त जन्म–मृत्यु पंजीकरण इकाइयों, चाहे वे ग्रामीण क्षेत्रों में हों, नगरीय निकायों के अंतर्गत आती हों या स्वास्थ्य संस्थानों के परिसरों में संचालित हों, वहां स्पष्ट, पठनीय और मानक के अनुरूप सूचना बोर्ड अनिवार्य रूप से लगाए जाएं। इन सूचना बोर्डों का उद्देश्य केवल औपचारिकता निभाना नहीं, बल्कि नागरिकों को सटीक और उपयोगी जानकारी प्रदान करना होना चाहिए।
जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुसार सूचना बोर्ड में कुछ जानकारियों का स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाना अनिवार्य होगा। इनमें सबसे पहले पंजीकरण इकाई का नाम शामिल है, ताकि नागरिकों को यह स्पष्ट रहे कि वे सही स्थान पर पहुंचे हैं। इसके साथ ही रजिस्ट्रार का नाम और रजिस्ट्रार का मोबाइल नंबर भी बोर्ड पर अंकित किया जाना जरूरी होगा, जिससे आवश्यकता पड़ने पर नागरिक सीधे संबंधित अधिकारी से संपर्क कर सकें। इसके अलावा रजिस्ट्रार की उपलब्धता के दिन भी स्पष्ट रूप से लिखे जाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि लोगों को यह पता हो कि किस दिन और किस समय पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध है।
जिलाधिकारी ने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को जन्म–मृत्यु पंजीकरण से संबंधित जानकारी सरल और सहज तरीके से उपलब्ध कराना है। जन्म और मृत्यु का पंजीकरण एक महत्वपूर्ण कानूनी प्रक्रिया है, जिसका सीधा संबंध व्यक्ति की पहचान, सरकारी योजनाओं के लाभ, सामाजिक सुरक्षा और प्रशासनिक रिकॉर्ड से होता है। यदि यह प्रक्रिया पारदर्शी और सुगम होगी, तो आम जनता को समय पर प्रमाण पत्र प्राप्त करने में आसानी होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि सूचना बोर्ड लगाए जाने से न केवल नागरिकों को सुविधा होगी, बल्कि कार्यालयों में अनावश्यक भीड़ और भ्रम की स्थिति भी कम होगी। इससे पंजीकरण प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित, समयबद्ध और प्रभावी बन सकेगी। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि इन आदेशों का शत-प्रतिशत अनुपालन किया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।
प्रशासन का मानना है कि इस कदम से जन्म–मृत्यु पंजीकरण व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी और जनता का विश्वास भी मजबूत होगा। साथ ही, यह व्यवस्था डिजिटल और प्रशासनिक सुधारों की दिशा में एक अहम पहल मानी जा रही है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी इस तरह के निरीक्षण जारी रहेंगे और यदि कहीं निर्देशों का पालन नहीं पाया गया, तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
कुल मिलाकर, जिलाधिकारी द्वारा दिए गए ये निर्देश जनहित से जुड़े हुए हैं और इनका उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक जवाबदेह बनाना है। उम्मीद की जा रही है कि इन निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन से जनपद में जन्म–मृत्यु पंजीकरण प्रक्रिया और अधिक सरल, पारदर्शी और नागरिकों के अनुकूल बन सकेगी।