
देहरादून– जनपद देहरादून में बालिकाओं की शिक्षा और खेल सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) टाइप-I, त्यूनी, विकासखंड चकराता में खेल मैदान के समतलीकरण के लिए जिला खनिज फाउंडेशन न्यास (DMF) से कुल ₹10 लाख की धनराशि स्वीकृत की है। इसमें से ₹6 लाख की पहली किस्त जारी कर दी गई है।
यह निर्णय मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन और जिला प्रशासन के सतत प्रयासों का परिणाम है, जिसके अंतर्गत जनपद में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक स्वरूप प्रदान करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
खेल गतिविधियों में आ रही थी कठिनाई
विद्यालय में पूर्व से निर्मित खेल मैदान लंबे समय से समुचित समतलीकरण के अभाव में उबड़-खाबड़ हो चुका था। वर्षा ऋतु में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो जाती थी, जिससे छात्राओं को खेलकूद एवं शारीरिक गतिविधियों में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इस स्थिति को देखते हुए जिला विकास अधिकारी द्वारा खेल मैदान के समतलीकरण का प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत किया गया।
DMF शासी परिषद से मिली मंजूरी
खंड विकास अधिकारी, चकराता द्वारा ₹9.40 लाख की अनुमानित लागत का प्रस्ताव दिया गया था, जिसे जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला खनिज फाउंडेशन न्यास की शासी परिषद के समक्ष प्रस्तुत किया गया। परिषद के अध्यक्ष एवं सदस्यों ने प्रस्ताव पर सहमति व्यक्त करते हुए कुल ₹10 लाख की स्वीकृति प्रदान की।
स्वीकृत धनराशि में से 60 प्रतिशत राशि (₹6,00,000) प्रथम चरण में जारी की गई है। शेष 40 प्रतिशत राशि (₹4,00,000) उपयोगिता प्रमाण पत्र और तृतीय पक्ष जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद जारी की जाएगी।
बालिकाओं के सर्वांगीण विकास को मिलेगा बढ़ावा
इस पहल से कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, त्यूनी की छात्राओं को सुरक्षित, समतल और उपयोगी खेल मैदान उपलब्ध होगा। इससे न केवल खेल गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि छात्राओं के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
प्रोजेक्ट उत्कर्ष के तहत स्कूलों का कायाकल्प
जिला प्रशासन द्वारा जनपद में प्रोजेक्ट उत्कर्ष के अंतर्गत सरकारी विद्यालयों को निजी विद्यालयों की तर्ज पर आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है। इस योजना के तहत विद्यालयों में फर्नीचर, एलईडी स्क्रीन, पेयजल, विद्युत व्यवस्था, पुस्तकालय और खेल अधोसंरचना को विकसित किया जा रहा है। इन कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग स्वयं जिलाधिकारी द्वारा की जा रही है।
जिला प्रशासन की यह पहल शिक्षा के साथ-साथ खेलों के माध्यम से छात्राओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है।