
दिल्ली-सीमा सुरक्षा बल Border Security Force (BSF) में पूर्व अग्निवीरों के लिए एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाया गया है। केंद्र सरकार ने गृह मंत्रालय के माध्यम से अधिसूचना जारी करते हुए BSF की कांस्टेबल (जनरल ड्यूटी) भर्ती में पूर्व अग्निवीरों को 50 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान लागू कर दिया है। यह व्यवस्था पहले लागू 10 प्रतिशत आरक्षण की तुलना में कहीं अधिक व्यापक मानी जा रही है।
सरकारी अधिसूचना के अनुसार, यह संशोधन BSF भर्ती नियमों में औपचारिक रूप से शामिल कर लिया गया है और इसे तत्काल प्रभाव से लागू माना जाएगा। इसके तहत BSF में होने वाली सीधी कांस्टेबल भर्ती की कुल रिक्तियों में से आधी सीटें उन युवाओं के लिए आरक्षित होंगी, जिन्होंने अग्निवीर योजना के अंतर्गत चार वर्ष की सेवा पूरी की है।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, यह निर्णय अग्निवीरों को सेवा के बाद स्थायी भविष्य देने की दिशा में अहम माना जा रहा है। चार वर्षों तक सैन्य प्रशिक्षण और सीमा सुरक्षा जैसी जिम्मेदारियां निभाने वाले जवानों को अब BSF जैसी प्रमुख सुरक्षा एजेंसी में प्राथमिक अवसर मिलेगा। इसके साथ ही पूर्व अग्निवीरों को भर्ती प्रक्रिया में आयु सीमा में छूट और कुछ चरणों में प्रक्रियागत सहूलियतें भी दी जाएंगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला न केवल अग्निवीर योजना को लेकर उठ रहे सवालों का ठोस जवाब है, बल्कि इससे BSF को पहले से प्रशिक्षित, अनुशासित और अनुभवी मानव संसाधन भी उपलब्ध होगा। माना जा रहा है कि BSF में लागू किए गए इस मॉडल के आधार पर भविष्य में अन्य केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) में भी इसी तरह के प्रावधान किए जा सकते हैं।
कुल मिलाकर, पूर्व अग्निवीरों के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण का यह निर्णय सुरक्षा बलों में उनके पुनर्वास और करियर स्थिरता की दिशा में ऐतिहासिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।