
अमेरिकी टेक कंपनी Apple भारत में सामने आए एक नए नियामक नियम को लेकर चिंता में है। कंपनी ने इस नियम का विरोध करते हुए इसे चुनौती देने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। नियामक ढांचे में किए गए इस बदलाव के चलते Apple पर भारी वित्तीय दंड का जोखिम भी बन सकता है।
मामला प्रतिस्पर्धा कानून (Competition Law) से जुड़ा है, जिसमें टेक कंपनियों के लिए कुछ सख्त प्रावधान शामिल किए गए हैं। नए नियम लागू होने पर Apple जैसी ग्लोबल कंपनियों पर भी उच्च स्तर की जवाबदेही और पारदर्शिता की शर्तें अनिवार्य होंगी। Apple का तर्क है कि ये प्रावधान उसके व्यावसायिक मॉडल को प्रभावित कर सकते हैं।
उद्योग विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि नियम लागू रहते हैं तो कंपनी पर बड़ी आर्थिक देनदारी का दबाव बन सकता है। इस बीच Apple ने न्यायिक हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा है कि लंबे समय से भारत में निवेश कर रही कंपनियों के लिए ऐसे नियम चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं।
वहीं, प्रतिस्पर्धा से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि उपभोक्ता हितों की सुरक्षा और बाज़ार में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा बनाए रखने के लिए ये निर्देश आवश्यक हैं। मामले पर अदालत में सुनवाई के बाद ही आगे की दिशा तय होगी।