बागेश्वर में खराब मोबाइल नेटवर्क पर नाराजगी, जिलाधिकारी ने जेटीओ से तीन दिन में मांगी रिपोर्ट, निजी कंपनियों को भी दिए निर्देश

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बागेश्वर। जनपद के दूरस्थ और ग्रामीण इलाकों में मोबाइल नेटवर्क तथा इंटरनेट कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला टेलीकॉम समिति की बैठक में जिलाधिकारी अपूर्वा पाण्डे ने दूरसंचार सेवाओं, भारत नेट परियोजना और मोबाइल नेटवर्क विस्तार कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सीमांत और ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी को प्राथमिकता के आधार पर सुधारा जाए, ताकि आम जनता को सरकारी योजनाओं और आधुनिक संचार सुविधाओं का लाभ सुचारू रूप से मिल सके।

कपकोट की 119 ग्राम पंचायतों में शुरू होगा भारत नेट का काम

बैठक में भारत नेट परियोजना के द्वितीय चरण को लेकर अहम प्रगति रिपोर्ट सामने आई। जेटीओ गौरव तड़ागी ने समिति को अवगत कराया कि भारत नेट परियोजना के दूसरे चरण के तहत कपकोट क्षेत्र की 119 ग्राम पंचायतों के लिए कार्यादेश (वर्क ऑर्डर) जारी किए जा चुके हैं। इस जानकारी पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि कपकोट क्षेत्र में परियोजना का काम बिना किसी देरी के बेहद जल्द शुरू किया जाए। ग्राम पंचायतों के डिजिटल नेटवर्क से जुड़ने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में ई-गवर्नेंस और ऑनलाइन सेवाओं की राह आसान होगी।

पांच क्षेत्रों में तीन महीने के भीतर लगेंगे 4जी टावर

ग्रामीण इलाकों में बेहतर मोबाइल कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए सरकारी दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल को कड़े निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी अपूर्वा पाण्डे ने बीएसएनएल के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपद के भनार, बैसानी, बड़ेत, कन्यालिकोट और पौसारी जैसे सुदूरवर्ती क्षेत्रों में 4जी मोबाइल टावर लगाने का काम हर हाल में आगामी तीन महीने के भीतर पूरा कर लिया जाए। इसके साथ ही, चोरखड़क क्षेत्र में नेटवर्क विस्तार के लिए उन्होंने तहसील प्रशासन के साथ आपसी समन्वय स्थापित करते हुए सर्वेक्षण (सर्वे) का कार्य जल्द से जल्द निपटाने के निर्देश जारी किए।

खराब नेटवर्क पर नाराजगी, जेटीओ से तीन दिन में मांगी रिपोर्ट

जनपद के विभिन्न हिस्सों से लगातार मिल रही खराब मोबाइल नेटवर्क और कॉल ड्रॉप की शिकायतों को जिलाधिकारी ने बेहद गंभीरता से लिया। उन्होंने नेटवर्क की लचर स्थिति और जनता को होने वाली परेशानियों पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। जिलाधिकारी ने संबंधित जेटीओ को सख्त हिदायत दी कि वे अगले तीन दिनों के भीतर उन सभी तकनीकी कारणों की विस्तृत रिपोर्ट कलेक्ट्रेट में प्रस्तुत करें, जिनकी वजह से सेवाएं प्रभावित चल रही हैं। इसके साथ ही उन्होंने नेटवर्क से जुड़ी समस्याओं का तुरंत स्थायी समाधान निकालते हुए दूरसंचार सेवाओं की गुणवत्ता में तत्काल सुधार करने को कहा।

निजी टेलीकॉम कंपनियों को भी संभावनाएं तलाशने के निर्देश

बैठक में केवल सरकारी नेटवर्क ही नहीं, बल्कि निजी क्षेत्र की भागीदारी पर भी जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने बैठक में मौजूद जियो, एयरटेल और अन्य निजी दूरसंचार कंपनियों के प्रतिनिधियों को निर्देशित किया कि वे बागेश्वर जनपद के दूरस्थ और नेटवर्क विहीन (नो-सिग्नल) क्षेत्रों का गंभीरता से परीक्षण करें। उन्होंने कंपनियों से कहा कि इन वंचित क्षेत्रों में नए मोबाइल टावर स्थापित करने की संभावनाओं को तलाशा जाए और इस संबंध में आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि हर नागरिक तक मोबाइल नेटवर्क की पहुंच संभव हो सके।

अधिकारियों की उपस्थिति और प्रशासनिक समीक्षा

इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला प्रशासन और तकनीकी विभागों के आला अधिकारी मौजूद रहे। समीक्षा के दौरान मुख्य विकास अधिकारी आर. सी. तिवारी और अपर जिलाधिकारी एन. एस. नबियाल सहित दूरसंचार, राजस्व और विकास से जुड़े सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। अधिकारियों को आपसी तालमेल के साथ परियोजनाओं की राह में आने वाली बाधाओं को दूर करने के निर्देश दिए गए।

निष्कर्ष: जनहित में डिजिटल कनेक्टिविटी का महत्व

भौगोलिक रूप से विषम और पर्वतीय क्षेत्र होने के कारण बागेश्वर के कई गांवों में आज भी संचार सेवाएं एक बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। जिला टेलीकॉम समिति की इस बैठक में लिए गए निर्णयों और अधिकारियों को दी गई समय-सीमा से यह साफ है कि प्रशासन ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए गंभीर है। यदि तय समय के भीतर 4जी टावरों की स्थापना और भारत नेट परियोजना का क्रियान्वयन धरातल पर होता है, तो इससे न केवल स्थानीय ग्रामीणों को रोजमर्रा की दिक्कतों से निजात मिलेगी, बल्कि छात्रों की ऑनलाइन पढ़ाई और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं में भी बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।

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