चम्पावत में पलायन रोकथाम योजना: 124.80 लाख रुपये के विकास कार्य स्वीकृत

Responsive example

चम्पावत: राज्य सरकार पर्वतीय एवं सीमांत क्षेत्रों के समग्र विकास को सुनिश्चित करने तथा पलायन की समस्या का स्थायी समाधान प्रस्तुत करने के लिए निरंतर प्रभावी प्रयास कर रही है। इसी क्रम में, मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना (MPRY) के अंतर्गत जनपद चम्पावत के लिए ₹124.80 लाख की विभिन्न विकासपरक योजनाओं को प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। यह स्वीकृति राज्य के विकास कार्यक्रमों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

स्वीकृत परियोजनाओं की कुल लागत ₹124.80 लाख निर्धारित की गई है। इस धनराशि में से ₹74.50 लाख मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना के मुख्य मद से व्यय किए जाएंगे, जबकि शेष ₹50.30 लाख कन्वर्जेंस मद के अंतर्गत उपयोग में लाए जाएंगे। इन योजनाओं का प्रमुख उद्देश्य स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित करना, कृषि क्षेत्र को अधिक सशक्त बनाना तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सकारात्मक गति लाना है।

इन स्वीकृत योजनाओं के अंतर्गत जनपद के विभिन्न गांवों में स्वरोजगार को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ग्राम कोटा जमराड़ी, बाजा, तलियाबांज, पाटली, नकैना, लधौनडुखड़ा, नौलापानी, बड़ोली एवं रीठा सहित कई अन्य गांवों में 500 मौनपालन (मधुमक्खी पालन) बक्सों का वितरण किया जाएगा। इस परियोजना के लिए ₹20.00 लाख की धनराशि स्वीकृत की गई है। मौनपालन से स्थानीय युवाओं, महिलाओं एवं किसानों को आय के अतिरिक्त स्रोत प्राप्त होंगे, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और जैविक उत्पादन को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

किसानों की फसलों को बंदरों एवं जंगली सुअरों से होने वाले नुकसान से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से विभिन्न ग्रामों में चेन लिंक फेंसिंग का निर्माण किया जाएगा। इसके तहत राजस्व ग्राम रमक (हुमार व तल्ला सेला तोक) हेतु ₹12.00 लाख, राजस्व ग्राम गुड़मांगल एवं कायल (टुंडाबिष्ट तोक) हेतु ₹12.00 लाख, राजस्व ग्राम चौड़ापिता (चौड़ा एवं थूम ग्राम) हेतु ₹12.00 लाख तथा ग्राम पंचायत दियुरी (नैकाना तोक) हेतु ₹6.00 लाख की राशि को स्वीकृति प्रदान की गई है। इस महत्वपूर्ण पहल से फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, जिससे किसानों का कृषि कार्य के प्रति विश्वास और भी मजबूत हो सकेगा।

मत्स्य पालन को बढ़ावा देने तथा ग्रामीण आय में वृद्धि करने के लिए विकासखंड चम्पावत (कोटा जमराड़ी, भजनपुर) एवं विकासखंड पाटी (बमौर, गागरी, भंडारी मछियाड़) में 05-05 नए मत्स्य तालाबों का निर्माण कार्य किया जाएगा। इन मत्स्य तालाबों के निर्माण हेतु ₹12.50 लाख की राशि स्वीकृत की गई है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आय के नए और स्थायी स्रोत विकसित होंगे, जिससे स्थानीय समुदाय की आजीविका के विकल्पों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

जिलाधिकारी मनीष कुमार ने इन पहलों के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि इनसे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सुरक्षित खेती एवं स्वरोजगार के माध्यम से ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनने में सहायता मिलेगी और पलायन की प्रवृत्ति में कमी लाई जा सकेगी। इन समग्र योजनाओं के माध्यम से चम्पावत जनपद में समावेशी विकास को नई गति प्राप्त होगी तथा सीमांत क्षेत्रों में आर्थिक सशक्तिकरण, रोजगार सृजन और आत्मनिर्भरता को विशेष बढ़ावा मिलेगा, जो “स्थानीय सशक्तिकरण और पलायन नियंत्रण” के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *