
देहरादून/बागेश्वर। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुपालन में 25 जनवरी को आयोजित 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर बागेश्वर जनपद ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। देहरादून स्थित लोक भवन ऑडिटोरियम में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले जनपदों को सम्मानित किया। इस गरिमामयी कार्यक्रम में बागेश्वर जनपद को प्री-एसआईआर (Pre-SIR) के तहत मतदाता मैपिंग में शानदार प्रदर्शन के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कार से नवाजा गया। जिलाधिकारी और जिला निर्वाचन अधिकारी आकांक्षा कोंड़े के कुशल नेतृत्व में जिले ने प्रदेश भर में द्वितीय स्थान प्राप्त कर अपनी प्रशासनिक दक्षता का लोहा मनवाया है।
चुनौतीपूर्ण कार्य और सहायक निर्वाचन अधिकारी द्वारा सम्मान ग्रहण
राजधानी देहरादून में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में राज्यपाल द्वारा बागेश्वर जनपद के लिए यह सम्मान जिलाधिकारी आकांक्षा कोंड़े के नाम पर प्रदान किया गया। जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में उनकी ओर से सहायक निर्वाचन अधिकारी नरेंद्र देवली ने इस प्रतिष्ठित पुरस्कार को ग्रहण किया। यह सम्मान उन जनपदों को दिया गया जिन्होंने मतदाता सूची के सुदृढ़ीकरण और मैपिंग के जटिल कार्य को समयबद्धता और सटीकता के साथ पूरा किया है।
प्री-एसआईआर गतिविधियों में बागेश्वर की 92.59% प्रगति
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार, प्री-एसआईआर (Pre-SIR) गतिविधियों के तहत एक विशेष और चुनौतीपूर्ण अभियान चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत वर्ष 2025 में दर्ज मतदाताओं का वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मिलान और मैपिंग का कार्य किया जा रहा है। इस कार्य का उद्देश्य मतदाता डेटा की शुद्धता सुनिश्चित करना है। बागेश्वर जनपद ने इस अभियान में असाधारण प्रदर्शन करते हुए 92.59 प्रतिशत प्रगति दर्ज की, जिसके आधार पर इसे प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है।
इन जनपदों को भी मिला सम्मान
राज्य स्तरीय कार्यक्रम में केवल बागेश्वर ही नहीं, बल्कि उत्तराखंड के अन्य पर्वतीय जनपदों ने भी अपनी सक्रियता दिखाई। मतदाता मैपिंग और निर्वाचन संबंधी उत्कृष्ट कार्यों के लिए रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी और चंपावत जनपदों को भी सम्मानित किया गया। हालांकि, बागेश्वर की उच्च प्रतिशत प्रगति ने इसे विशिष्ट श्रेणी में खड़ा कर दिया है।
टीम वर्क और प्रशासनिक प्रतिबद्धता का परिणाम
जिला निर्वाचन अधिकारी आकांक्षा कोंड़े के नेतृत्व में बागेश्वर जनपद की पूरी टीम ने इस उपलब्धि के लिए दिन-रात कार्य किया। इस सफलता के पीछे संबंधित अधिकारियों और कार्मिकों की पूरी निष्ठा, तकनीकी दक्षता और चुनावी प्रक्रियाओं के प्रति प्रतिबद्धता रही है। मतदाता सूची को पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाने की दिशा में यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
भविष्य के चुनावों पर प्रभाव
इस प्रकार की मैपिंग से आने वाले चुनावों में फर्जी मतदान की संभावना कम होगी और मतदाता सूची अधिक विश्वसनीय बनेगी। आम नागरिकों के लिए इसका सीधा लाभ यह है कि उनकी मतदाता पहचान और रिकॉर्ड अब अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित हैं। बागेश्वर जनपद की यह उपलब्धि अन्य जिलों के लिए भी एक मानक स्थापित करती है कि कैसे सीमित संसाधनों के बावजूद बेहतर समन्वय से राष्ट्रीय महत्व के कार्यों को सिद्ध किया जा सकता है।
निष्कर्ष: जनहित में निर्वाचन प्रक्रिया का सुदृढ़ीकरण
राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर मिली यह पहचान बागेश्वर जनपद के लिए गौरव का क्षण है। लोकतांत्रिक प्रक्रिया में मतदाता सूची की शुद्धता सबसे अनिवार्य शर्त है, और बागेश्वर प्रशासन ने इसे प्राथमिकता पर रखते हुए प्रदेश स्तर पर अपनी पहचान बनाई है।