स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनीं लमगड़ा की किरण बिष्ट

Almora uttarakhand
Responsive example

अल्मोड़ा: जनपद के लमगड़ा क्षेत्र की निवासी किरण बिष्ट महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही हैं। उनकी इस प्रगति को प्रदेश में लागू जनकल्याणकारी नीतियों और सुशासन के क्रियान्वयन से जोड़कर देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं को विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं से जोड़ने और कौशल विकास के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इन नीतियों का प्रभाव अब जमीनी स्तर पर भी दिखाई देने लगा है।

जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने इस संबंध में बताया कि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासनिक प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि किरण बिष्ट जैसी महिलाओं की सफलता यह स्पष्ट करती है कि यदि ग्रामीण महिलाओं को सही मार्गदर्शन और प्रशासनिक सहयोग प्राप्त हो, तो वे आत्मनिर्भर बनकर समाज के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

परियोजना प्रबंधक ग्रामोत्थान राजेश मठपाल के अनुसार, ग्राम्य विकास विभाग और इफॉड-रीप (IFAD-REAP) परियोजना के तहत किरण बिष्ट को आवश्यक प्रशिक्षण और मार्गदर्शन दिया गया। इसके साथ ही उन्हें अपना स्वरोजगार स्थापित करने के लिए जरूरी सहयोग भी प्रदान किया गया। उन्होंने वर्ष 2021 में सिलाई कार्य से अपने काम की शुरुआत की थी। अपने प्रयासों के बल पर उन्होंने लमगड़ा बाजार में सिलाई, बुनाई और कढ़ाई का एक प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया है।

इस केंद्र के माध्यम से वर्तमान में क्षेत्र की महिलाओं और युवाओं को स्वरोजगार हेतु प्रशिक्षित किया जा रहा है। इससे स्थानीय स्तर पर ही रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। इस समय किरण बिष्ट के साथ पांच से अधिक महिलाएं जुड़कर कार्य कर रही हैं, जिससे उनकी आजीविका सुदृढ़ हुई है। इस प्रकार के प्रयास न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रहे हैं, बल्कि उनमें आत्मविश्वास और स्वावलंबन की भावना भी विकसित कर रहे हैं।

यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के साधन उपलब्ध कराकर पलायन रोकने की दिशा में भी सहायक सिद्ध हो रही है। किरण बिष्ट की सफलता यह दर्शाती है कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में संचालित योजनाएं प्रभावी रूप से धरातल पर उतर रही हैं और आमजन को इसका लाभ मिल रहा है। इफॉड-रीप परियोजना के माध्यम से संचालित यह प्रयास महिला उद्यमिता को प्रोत्साहित करने और आजीविका सृजन की दिशा में एक उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *