
देहरादून: जन समस्याओं के प्रभावी और त्वरित समाधान के उद्देश्य से आयोजित समाधान दिवस में जिलाधिकारी ने 194 नागरिकों की समस्याओं को सुना। जिलाधिकारी ने उपस्थित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई करते हुए उनका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी स्वीकार्य नहीं होगी और सभी विभागों को जनता के प्रति जवाबदेही के साथ कार्य करना होगा।
समाधान दिवस के दौरान भूमि धोखाधड़ी, अतिक्रमण, सीमांकन, ऋण माफी और पेयजल से जुड़ी समस्याएं प्रमुखता से सामने आईं। जिलाधिकारी ने बैंक द्वारा मकान नीलामी के नोटिस दिए जाने के एक मामले में ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया पर गंभीर प्रश्न उठाए। उन्होंने अपर जिलाधिकारी और लीड बैंक अधिकारी को इस प्रकरण की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि यह जांच की जाए कि यदि आवेदक ऋण चुकाने की स्थिति में नहीं था, तो बैंक द्वारा किस आधार पर ऋण आवंटित किया गया था।
पारिवारिक विवाद के एक मामले में एक बुजुर्ग पिता ने अपने पुत्र द्वारा मकान की रजिस्ट्री धोखे से पत्नी के नाम करवा लेने और भरण-पोषण न देने की शिकायत दर्ज कराई। जिलाधिकारी ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित उपजिलाधिकारी को भरण-पोषण अधिनियम के तहत नियमानुसार विधिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, एक अन्य 85 वर्षीय बुजुर्ग द्वारा नगर निगम और निजी भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत पर मुख्य नगर आयुक्त को जांच के आदेश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत मधुमेह, हृदय रोग, कैंसर और अस्थमा जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित बच्चों की सूची तैयार की जाए। उन्होंने इन बच्चों के लिए विशेष चिकित्सा शिविर लगाने और उनके समुचित उपचार की व्यवस्था करने पर जोर दिया। साथ ही, सड़क संपर्क से कटे गांवों में गर्भवती महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने और प्रसव हेतु अस्पताल पहुंचाने के लिए माइक्रो स्तर पर कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।
आगामी मानसून के दृष्टिगत जिलाधिकारी ने लोक निर्माण और सिंचाई विभाग को शहर के आंतरिक मार्गों के सुधारीकरण, जिले के 11 प्रमुख पुलों की सुरक्षा और निचली बस्तियों के पास नदियों के चैनलाइजेशन कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। नगर निगम को अवैध डंपिंग जोन चिन्हित कर फोटोग्राफ सहित रिपोर्ट देने को कहा गया। महिलाओं की सुरक्षा के लिए उन्होंने प्रमुख शहरों और कस्बों में डार्क स्पॉट चिन्हित कर वहां पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था करने और सुरक्षित माहौल बनाने के निर्देश दिए।
विभिन्न अन्य शिकायतों में ऋषिकेश के बडकोट माफी और रानीपोखरी क्षेत्र में पर्यटन विभाग की भूमि के कथित अवैध विक्रय, राजेश्वर नगर में जल निकासी और बालावाला की पेयजल योजना से संबंधित मामलों पर भी अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया। जिलाधिकारी ने विभागों को कार्यालयों में स्वच्छता बनाए रखने, निष्प्रयोज्य सामग्री की नीलामी और लंबित पेंशन प्रकरणों का त्वरित निस्तारण करने को भी कहा। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी केके मिश्रा, उपजिलाधिकारी स्मृता परमार, उपजिलाधिकारी कुमकुम जोशी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।