शारदा रिवर फ्रंट से बदलेगी चम्पावत की तस्वीर: ₹300 करोड़ से अधिक योजनाओं का शिलान्यास, टनकपुर में विकास को नई गति

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चम्पावत – जनपद चम्पावत के लिए विकास की एक नई शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने ₹300 करोड़ से अधिक लागत की विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास और भूमि पूजन किया। टनकपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि शारदा रिवर फ्रंट परियोजना क्षेत्र के सर्वांगीण विकास की आधारशिला साबित होगी और चम्पावत को नई पहचान दिलाएगी।

मुख्यमंत्री द्वारा शिलान्यासित प्रमुख कार्यों में शारदा घाट पुनर्विकास (प्रथम चरण) ₹10,735 लाख, सिटी ड्रेनेज प्लान (प्रथम चरण) ₹6,649 लाख तथा नायर–खेरा क्षेत्र में डिजास्टर रेजिलिएन्स के लिए इकोलॉजिकल कॉरिडोर विकास ₹8,523 लाख शामिल हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य शहरी आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ बनाना, बाढ़ और आपदा जोखिम को कम करना तथा पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखना है।

इसके अलावा सड़क अवसंरचना को मजबूत करने के लिए कई मोटर मार्गों के निर्माण और सुधारीकरण की आधारशिला रखी गई। टनकपुर–अस्कोट सीसी मार्ग पुनर्निर्माण (₹115 लाख), सुयालखर्क–पुनावे मिलान मार्ग सुधारीकरण (₹320 लाख), धूनाघाट–बसौट मोटर मार्ग नवनिर्माण (₹83 लाख), कामज्यूला–भनार–रैघाड़ी मोटर मार्ग सुधारीकरण (₹666.84 लाख) तथा सांगो–घिंघारूकोट–बांस बसवाड़ी मोटर मार्ग पुनर्निर्माण (₹89.36 लाख) जैसी परियोजनाएँ सीमांत क्षेत्रों की कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करेंगी। बेहतर सड़कों से स्थानीय व्यापार, कृषि उत्पादों की आवाजाही और पर्यटन को बढ़ावा मिलने की संभावना है।

बाढ़ और भू-कटाव की समस्या से प्रभावित क्षेत्रों के लिए भी महत्वपूर्ण कार्यों की घोषणा की गई। ग्राम बेलखेत में क़वेराला नदी से बाढ़ सुरक्षा कार्य (₹125.96 लाख) और ग्राम बमनपुरी में हुड्डी नदी से हो रहे भू-कटाव की रोकथाम हेतु सुरक्षा कार्य (₹154.63 लाख) से स्थानीय निवासियों को राहत मिलेगी। आपदा संवेदनशील क्षेत्र होने के कारण इन योजनाओं को विशेष महत्व दिया जा रहा है।

पर्यटन और आस्था से जुड़े विकास कार्यों में माँ पूर्णागिरि घाटी (चूका क्षेत्र) में हेलीपैड निर्माण (₹187 लाख) तथा शारदा घाट पुनर्विकास प्रमुख हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शारदा रिवर फ्रंट, जिसे शारदा कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा, टनकपुर और आसपास के क्षेत्र को धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगा। इससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा सकेंगी।

शिक्षा क्षेत्र को सुदृढ़ करने के लिए भी महत्वपूर्ण घोषणाएँ की गईं। स्वामी विवेकानंद राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय लोहाघाट में परीक्षा हॉल निर्माण (₹672.11 लाख) तथा सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के चम्पावत परिसर में केंद्रीय पुस्तकालय, चहारदीवारी और मिनी स्टेडियम निर्माण (₹2,045.78 लाख) की आधारशिला रखी गई। कस्तूरबा गांधी छात्रावास टनकपुर के विस्तारीकरण (₹384.50 लाख) से छात्राओं को बेहतर आवासीय सुविधा मिलेगी। इसके अतिरिक्त जिला कमांडेंट होमगार्ड्स कार्यालय के अनावासीय भवन निर्माण (₹224.71 लाख) से प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि चम्पावत आस्था, संस्कृति और इतिहास से समृद्ध भूमि है। माँ शारदा ज्ञान और विद्या की प्रतीक हैं, और उनके पावन धाम के घाटों का विकास करना गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि विकास और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि इन परियोजनाओं से सीमांत क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और युवाओं, किसानों तथा व्यापारियों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा। शहरी विकास, सड़क, शिक्षा, पर्यटन और आपदा प्रबंधन से जुड़े ये कार्य जनपद को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने में सहायक होंगे।

कार्यक्रम में विभिन्न जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। स्थानीय नागरिकों ने विकास योजनाओं का स्वागत करते हुए अपेक्षा जताई कि सभी परियोजनाएँ निर्धारित समय सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण हों।

समग्र रूप से देखा जाए तो शारदा रिवर फ्रंट और अन्य विकास योजनाएँ चम्पावत और टनकपुर के लिए परिवर्तनकारी साबित हो सकती हैं। यदि इन योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित होता है, तो यह क्षेत्र पर्यटन, शिक्षा और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू सकता है और उत्तराखण्ड के सीमांत जनपदों में एक आदर्श विकास मॉडल के रूप में उभर सकता है।

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