
चम्पावत: टनकपुर, नांदेड और पीलीभीत रेलवे स्टेशनों से 6 जुलाई 2026 को टनकपुर–नांदेड एक्सप्रेस, नांदेड–मुंबई एक्सप्रेस तथा टनकपुर–पीलीभीत ट्रेन सेवा के शाहजहांपुर तक विस्तारित मार्ग का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद तथा केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा ने विभिन्न स्थानों से ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई।
रेल संपर्क के विस्तार पर दिया गया जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि नांदेड के धार्मिक महत्व और यात्रियों की मांग को देखते हुए टनकपुर–नांदेड एक्सप्रेस तथा नांदेड–मुंबई एक्सप्रेस के संचालन को स्वीकृति दी गई है। साथ ही टनकपुर–पीलीभीत ट्रेन सेवा का शाहजहांपुर तक विस्तार भी शुरू किया गया है। उन्होंने भारतीय रेल में चल रही विभिन्न अवसंरचना परियोजनाओं, विद्युतीकरण, नए रेल ट्रैक, कोच निर्माण और विशेष ट्रेनों के संचालन की जानकारी भी साझा की।
उत्तराखंड और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्रियों ने रखे विचार
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि टनकपुर–नांदेड एक्सप्रेस उत्तराखंड और दक्षिण भारत के बीच रेल संपर्क को मजबूत करेगी। उनके अनुसार इससे यात्रियों के आवागमन के साथ स्थानीय उत्पादों के परिवहन को भी सुविधा मिलेगी। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नांदेड–मुंबई एक्सप्रेस के संचालन का स्वागत करते हुए कहा कि इससे नांदेड आने-जाने वाले यात्रियों को अतिरिक्त रेल सुविधा उपलब्ध होगी।
अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी दी प्रतिक्रिया
रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह ने कहा कि नई रेल सेवाओं और मार्ग विस्तार से यात्रियों को सीधा रेल संपर्क मिलेगा। केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा ने टनकपुर–पीलीभीत ट्रेन सेवा के शाहजहांपुर तक विस्तार और टनकपुर–नांदेड एक्सप्रेस के संचालन को क्षेत्रीय रेल संपर्क के लिए महत्वपूर्ण बताया। पीलीभीत में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि इन सेवाओं से यात्रियों को सीधी रेल सुविधा उपलब्ध होगी।
कार्यक्रम में अधिकारी रहे मौजूद
टनकपुर में आयोजित समारोह में पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक उदय बोरवणकर, मंडल रेल प्रबंधक वीणा सिन्हा सहित रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। पीलीभीत और नांदेड में भी संबंधित समारोह आयोजित किए गए, जिनमें जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भाग लिया।