
चम्पावत: महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना के तहत वर्ष 2026 के लिए पात्र एवं इच्छुक महिलाओं से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। योजना का उद्देश्य एकल, परित्यक्ता और विधवा महिलाओं को उनके निवास स्थान अथवा गांव में ही स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी पी.सी. बृजवाल ने बताया कि योजना के अंतर्गत महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन के अवसर उपलब्ध कराने और उनके जीवन स्तर में सुधार लाने का प्रयास किया जा रहा है। आवेदन करने की अंतिम तिथि 14 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है।
योजना की पात्रता
यह योजना उत्तराखंड की मूल एवं स्थायी निवासी महिलाओं के लिए है, जिनकी आयु 21 से 50 वर्ष के बीच हो। योजना में एकल (निराश्रित), विधवा, परित्यक्ता, तलाकशुदा, किन्नर, एसिड अटैक या अपराध पीड़ित महिलाओं तथा अवयस्क बच्चों की अकेले जिम्मेदारी उठाने वाली माताओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
आवेदक के परिवार की वार्षिक आय 72 हजार रुपये या उससे कम होनी चाहिए। सरकारी अथवा अर्द्धसरकारी कर्मचारी तथा किसी अन्य रोजगार योजना का लाभ प्राप्त कर रही महिलाएं योजना के लिए पात्र नहीं होंगी।
वित्तीय सहायता और स्वरोजगार के अवसर
योजना के तहत कृषि, बागवानी, कुक्कुट पालन, मत्स्य पालन, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण, कैंटीन, बुटीक, ब्यूटी पार्लर, कंप्यूटर कार्य और जनरल स्टोर जैसे व्यवसायों के लिए सहायता प्रदान की जाएगी। अधिकतम 2 लाख रुपये तक की परियोजनाओं पर 75 प्रतिशत अनुदान, अधिकतम 1.50 लाख रुपये तक, दिया जाएगा। शेष 25 प्रतिशत राशि लाभार्थी को स्वयं वहन करनी होगी।
अनुदान तीन किश्तों में प्रदान किया जाएगा। पहली किश्त प्राप्त होने के छह माह के भीतर स्वरोजगार गतिविधि शुरू करना अनिवार्य होगा।
आवेदन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज
लाभार्थियों का चयन विभागीय वार्षिक लक्ष्य के अनुसार पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर किया जाएगा। आवेदन के लिए निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, पहचान पत्र, शपथ पत्र, नोटराइज्ड स्वघोषणा पत्र तथा बैंक पासबुक सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।
योजना से संबंधित दिशा-निर्देश, पात्रता की शर्तें और आवेदन पत्र का प्रारूप विभागीय वेबसाइट से प्राप्त किया जा सकता है। पूर्ण रूप से भरा हुआ आवेदन पत्र 14 अगस्त 2026 तक जिला कार्यक्रम कार्यालय, बाल विकास, चम्पावत को केवल पंजीकृत डाक के माध्यम से भेजना होगा। अन्य माध्यमों से प्राप्त आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने पात्र महिलाओं से समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूर्ण करने और निर्धारित तिथि से पहले आवेदन भेजने की अपील की है।