
जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने बताया कि सचिव, उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, देहरादून की अध्यक्षता में 29 अक्टूबर 2025 को राज्य स्तरीय भूकम्प मॉक अभ्यास विषयक “Co-ordination and Orientation Programme” की बैठक आयोजित की गई।
उन्होंने बताया कि बैठक में सचिव द्वारा निर्देश दिये गये हैं कि ‘भू-देव ऐप’ का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार किया जाए तथा इसे अधिकतम नागरिकों के मोबाइल फोनों में डाउनलोड करवाने का लक्ष्य प्रत्येक जनपद को दिया गया है।
भूकम्प के प्रभाव से आमजन को सुरक्षित रखने हेतु उत्तराखण्ड सरकार और आईआईटी रूड़की के संयुक्त प्रयासों से यह अत्याधुनिक तकनीक विकसित की गई है। ‘भू-देव ऐप’ के माध्यम से भूकम्प आने से 15 से 30 सेकण्ड पहले चेतावनी (अलर्ट) जारी की जाएगी, जिससे लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंच सकेंगे। राज्यभर में 169 सेंसर और 112 सायरन लगाए गए हैं जो संभावित भूकम्प के झटकों का पूर्वानुमान लगाकर अलर्ट जारी करेंगे।
जिलाधिकारी ने जनपद के सभी विभागाध्यक्षों, विद्यालयों, चिकित्सालयों, विकास खण्डों, पंचायतों, जनप्रतिनिधियों एवं राजस्व उपनिरीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नागरिकों को भू-देव ऐप के उपयोग हेतु जागरूक करें तथा ऐप डाउनलोड कराने की प्रगति की जानकारी प्रतिदिन जिला आपातकालीन परिचालन केन्द्र को (ddmo.alm@gmail.com) पर उपलब्ध कराएं।