प्रदेश में गैरसैंण समेत तीन स्मार्ट सिटी बनेंगी, 4000 बेघरों को मिलेगा आवास

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देहरादून। उत्तराखंड सरकार प्रदेश में शहरी विकास को नई दिशा देने की तैयारी में है। सरकार ने प्रदेश में तीन नए स्मार्ट सिटी विकसित करने की योजना बनाई है, जिनमें गैरसैंण, बाड़ाहाट (उत्तरकाशी) और केदारघाटी क्षेत्र को शामिल किया गया है। इस योजना का उद्देश्य शहरों में बढ़ती आबादी, ट्रैफिक जाम और आवास की समस्या को कम करना है।

सरकार का मानना है कि इन शहरों को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने से न केवल स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि पर्यटन और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। इसके साथ ही करीब 4000 बेघर लोगों को आवास उपलब्ध कराने की योजना भी बनाई गई है।

शहरी विकास विभाग का बजट बढ़ा

प्रदेश सरकार ने इस बार शहरी विकास विभाग के बजट में बड़ा इजाफा किया है। पिछले साल जहां विभाग का बजट 1161 करोड़ रुपये था, वहीं इस बार इसे बढ़ाकर 1814 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा नगर आवास योजना के लिए 60 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट भी प्रस्तावित किया गया है।

सरकार का कहना है कि बढ़े हुए बजट का उपयोग शहरों में बेहतर सड़क, जल निकासी, पार्किंग और अन्य आधुनिक सुविधाओं के विकास में किया जाएगा। इससे शहरों की व्यवस्था अधिक व्यवस्थित और सुविधाजनक बन सकेगी।

4000 लोगों को मिलेगा आवास

प्रदेश में आवास की समस्या को देखते हुए सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत 2355 बेघर लोगों के लिए नए आवास बनाने का निर्णय लिया है। इसके अलावा आने वाले समय में लगभग 4000 जरूरतमंद परिवारों को आवास सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है।

इस कदम से गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को स्थायी घर मिल सकेगा, जिससे उनकी जीवन गुणवत्ता में सुधार आएगा।

शहरों में जाम से राहत के लिए 130 करोड़

प्रदेश के शहरों में बढ़ते ट्रैफिक जाम की समस्या को देखते हुए सरकार ने आवास विभाग को 130 करोड़ रुपये का विशेष बजट दिया है। इस बजट का उपयोग शहरों में मल्टीलेवल पार्किंग और नई पार्किंग सुविधाएं विकसित करने के लिए किया जाएगा।

योजना के तहत

  • 66 सरफेस पार्किंग

  • 112 मल्टीलेवल कार पार्किंग

  • 9 ऑटोमेटेड कार पार्किंग

बनाई जाएंगी। इन पार्किंग परियोजनाओं से शहरों में वाहनों के लिए बेहतर व्यवस्था बनेगी और जाम की समस्या काफी हद तक कम होगी।

150 पार्किंग परियोजनाएं स्वीकृत

सरकार की योजना के अनुसार 150 पार्किंग परियोजनाओं के डीपीआर तैयार किए गए हैं। इनमें से 114 परियोजनाओं पर काम शुरू भी हो चुका है। वहीं 296 करोड़ रुपये की 11 पार्किंग परियोजनाओं पर संबंधित विकास प्राधिकरणों द्वारा काम किया जा रहा है।

इससे शहरों में वाहनों की पार्किंग की समस्या दूर होगी और यातायात व्यवस्था बेहतर बनेगी।

छह जिलों में ट्रांजिट रेस्क्यू सेंटर

राज्य में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को देखते हुए सरकार ने छह जिलों में ट्रांजिट रेस्क्यू सेंटर बनाने की योजना बनाई है। इसके लिए 19 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

इन रेस्क्यू सेंटरों का उद्देश्य घायल या भटके हुए वन्यजीवों को सुरक्षित स्थान पर रखकर उनका उपचार करना और बाद में जंगल में छोड़ना होगा। इससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को कम करने में मदद मिलेगी।

आम जनता को क्या होगा फायदा

सरकार की इन योजनाओं से प्रदेश के लोगों को कई लाभ मिलेंगे। स्मार्ट सिटी बनने से शहरों में आधुनिक सुविधाएं बढ़ेंगी, ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर होगी और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। वहीं आवास योजनाओं से हजारों परिवारों को अपना घर मिल सकेगा।

इसके अलावा पार्किंग और शहरी ढांचे के विकास से शहरों में रहने वाले लोगों को रोजमर्रा की समस्याओं से राहत मिलने की उम्मीद है।

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