
नोएडा-देश को हिला देने वाले नोएडा निठारी कांड के आरोपी सुरेंद्र कोली को अब आखिरकार सुप्रीम कोर्ट से भी राहत मिल गई है। अदालत ने मंगलवार को आए अपने फैसले में कोली को आखिरी लंबित केस में भी बरी कर दिया, जिससे उसकी रिहाई का रास्ता साफ हो गया है।
🔹 क्या था निठारी कांड?
साल 2005 और 2006 में नोएडा के निठारी गांव से कई बच्चों और महिलाओं के रहस्यमय तरीके से गायब होने की घटनाएं सामने आई थीं। बाद में एक मकान के पास मानव अवशेष मिलने से पुलिस और देशभर में सनसनी फैल गई थी।
इस मामले में सुरेंद्र कोली और उसके मालिक मनिंदर सिंह पंढेर को गिरफ्तार किया गया था।
🔹 कोर्ट में क्या हुआ?
सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि अभियोजन पक्ष पर्याप्त सबूत पेश नहीं कर सका, जिससे दोष साबित हो सके।
न्यायाधीशों की बेंच ने कहा कि जांच में कई गंभीर खामियां थीं और सबूत संदेह से परे नहीं थे।
इससे पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी कई मामलों में कोली को बरी कर दिया था।
🔹 17 साल से जेल में बंद
सुरेंद्र कोली को निचली अदालत ने फांसी की सजा सुनाई थी, लेकिन बाद में हाईकोर्ट और अब सुप्रीम कोर्ट ने उसे संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
वह करीब 17 साल से जेल में बंद है और अब जल्द ही रिहा किया जा सकता है।
🔹 जनता और परिवारों की प्रतिक्रिया
फैसले के बाद सोशल मीडिया पर मिश्रित प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
जहां कुछ लोग इसे “न्यायिक प्रक्रिया की जीत” बता रहे हैं, वहीं पीड़ित परिवार इस फैसले से नाखुश और निराश दिखाई दे रहे हैं।