
चम्पावत: आगामी चैत्र नवरात्र के अवसर पर उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। जिलाधिकारी मनीष कुमार के निर्देशों पर सोमवार को विभाग द्वारा चम्पावत बाजार में स्थित विभिन्न किराना प्रतिष्ठानों और मॉल का औचक निरीक्षण किया गया। इस विशेष अभियान का मुख्य लक्ष्य कुट्टू के आटे, सिंघाड़ा आटे और व्रत से संबंधित अन्य खाद्य पदार्थों के विक्रय, संग्रह तथा विनिर्माण में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना है।
निरीक्षण के समय विभाग की टीम ने खाद्य कारोबारकर्ताओं को व्रत की सामग्री के उचित रखरखाव और स्वच्छ परिवेश बनाए रखने के संबंध में कठोर निर्देश दिए। विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि सभी विक्रेताओं को केवल भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप ही खाद्य सामग्री का विक्रय करना चाहिए। सभी सीलबंद पैकेटों पर निर्माण तिथि (MFG), समाप्ति तिथि (एक्सपायरी डेट), विनिर्माता का पूर्ण पता और FSSAI लाइसेंस नंबर अंकित होना अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त, उपभोक्ताओं को बेची जाने वाली प्रत्येक सामग्री का क्रय-विक्रय पक्के बिलों पर किया जाना भी अनिवार्य है।
सोमवार को किए गए निरीक्षण में किसी भी प्रतिष्ठान में कुट्टू के आटे का पुराना या असुरक्षित स्टॉक नहीं मिला है। इसके बावजूद, विभाग ने विक्रेताओं को स्पष्ट चेतावनी जारी की है कि भविष्य के निरीक्षणों में यदि सुरक्षा मानकों का कोई उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित कारोबारकर्ता के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। टीम ने खाद्य सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए मॉल और किराना स्टोर से साबूदाना और सेंधा नमक के नमूने एकत्र किए हैं। इन नमूनों को आगे की जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। प्रयोगशाला रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने जनपद के समस्त व्यापारियों से आग्रह किया है कि वे त्योहारों के दौरान केवल उच्च गुणवत्ता वाली खाद्य सामग्री ही बाजार में उपलब्ध कराएं। विभाग का यह विशेष जांच अभियान पूरे नवरात्र अवधि में जनपद के अन्य क्षेत्रों में भी लगातार जारी रहेगा।
इस अभियान दल में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी योगिता तिवारी और सहायक दिनेश फर्त्याल शामिल रहे।