चंपावत में 28 जून से राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान शुरू, 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को पिलाएं “दो बूंद”

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चंपावत: स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के क्रम में जनपद चंपावत में आगामी 28 जून से राष्ट्रीय पल्स पोलियो प्रतिरक्षण अभियान का शुभारंभ होगा। इसका मुख्य उद्देश्य पोलियो उन्मूलन के राष्ट्रीय लक्ष्य को शत-प्रतिशत हासिल करना है। इस अभियान के तहत 0 से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी।

जिलाधिकारी ने दिए शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति के निर्देश

इस संबंध में जानकारी देते हुए जिलाधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि पोलियो का उन्मूलन एक राष्ट्रीय प्राथमिकता का विषय है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान के दौरान जनपद के दूरस्थ, दुर्गम एवं जनजातीय क्षेत्रों सहित हर बच्चे तक पोलियो की खुराक पहुंचना सुनिश्चित किया जाए। किसी भी बच्चे के इस महत्वपूर्ण खुराक से वंचित न रहने के लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रवासी और श्रमिक परिवारों के बच्चों पर विशेष ध्यान

जिलाधिकारी ने विशेष रूप से श्रमिकों के परिवारों, घुमंतू समुदाय और अन्य प्रवासी परिवारों के बच्चों पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी बच्चा पोलियो की दवा से वंचित न रह जाए। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे अपने पांच वर्ष तक के सभी बच्चों को निर्धारित समय पर पोलियो की खुराक अवश्य पिलाएं और इस राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाने में अपना सक्रिय सहयोग प्रदान करें।

जन जागरूकता और सतत निगरानी पर जोर

अभियान की सफलता के लिए व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में एक्यूट फ्लैसिड पैरालिसिस (AFP) के मामलों की सतत निगरानी और जांच सुनिश्चित करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी अभियान की सफलता में आमजन की सहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।

अभियान का विस्तृत विवरण

सर्विलेंस मेडिकल ऑफिसर डॉ. मीनाक्षी ने बताया कि राष्ट्रीय पल्स पोलियो प्रतिरक्षण दिवस 28 जून 2026 को जनपद के सभी निर्धारित बूथों पर 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो रोधी खुराक पिलाई जाएगी। इस मुख्य दिवस के उपरांत, छूटे हुए बच्चों को कवर करने के लिए घर-घर जाकर एक विशेष अभियान संचालित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि पर्वतीय क्षेत्रों में, जैसे कि चंपावत, लोहाघाट और बाराकोट में, यह घर-घर भ्रमण अभियान 29 एवं 30 जून को चलेगा। वहीं, मैदानी क्षेत्र टनकपुर में यह अभियान 29 जून से 4 जुलाई 2026 तक जारी रहेगा। यह अभियान प्रतिदिन प्रातः 8 बजे से सायं 4 बजे तक संचालित होगा।

बुनियादी ढांचे और मानव संसाधन की व्यवस्था

मुख्य चिकित्साधिकारी देवेश चौहान ने आंकड़े साझा करते हुए बताया कि जनपद में 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों की अनुमानित संख्या 27,301 है, जिन्हें इस अभियान के तहत कवर किया जाना है। इसके लिए जनपद भर में कुल 269 पोलियो बूथ स्थापित किए गए हैं। इन बूथों के पर्यवेक्षण के लिए 85 सुपरवाइजर और 1076 कार्मिकों की तैनाती की गई है। घर-घर पोलियो अभियान के लिए कुल 438 टीमें गठित की गई हैं, जिनकी निगरानी के लिए 88 सुपरवाइजर और 876 कार्मिकों को लगाया गया है।

अभिभावकों से पुनः अपील

जिलाधिकारी मनीष कुमार ने जनपद के सभी अभिभावकों से पुनः अपील की है कि वे 28 जून को अपने 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को निकटतम पोलियो बूथ पर अवश्य लेकर आएं। उन्होंने कहा कि पोलियो की दो बूंद पिलाकर वे अपने बच्चों को इस गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखने में अपनी महत्वपूर्ण भागीदारी निभा सकते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जनभागीदारी से ही शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त कर पोलियो मुक्त भारत के संकल्प को और अधिक सशक्त बनाया जा सकता है।