
ऊधम सिंह नगर: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने काशीपुर स्थित मां बाल सुंदरी मंदिर में पूजा-अर्चना की। उन्होंने इस अवसर पर प्रदेश के चहुंमुखी विकास और सुख-शांति के लिए कामना की। पूजा के उपरांत, उन्होंने मंदिर प्रांगण में आयोजित भजन संध्या का दीप प्रज्ज्वलित कर विधिवत शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने चैती मेला कोष की धनराशि से मां बाल सुंदरी मंदिर के सौंदर्यीकरण और मंदिर परिसर के विकास की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने चैती मेले में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं का स्वागत किया और उनकी सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि यह मेला केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी लोक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और गौरवशाली परंपराओं का एक जीवंत महोत्सव है। उन्होंने आगे बताया कि मेले में लगाए गए पारंपरिक उत्पादों के स्टॉल और स्थानीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुत विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम इस आयोजन को और भी अधिक आकर्षक बनाते हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि चैती मेले का यह भव्य आयोजन क्षेत्र के व्यापार, पर्यटन और स्थानीय विकास को नई गति प्रदान करेगा। इसके साथ ही, यह स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार काशीपुर क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर तेजी से कार्य कर रही है। उन्होंने जानकारी दी कि काशीपुर में 133 एकड़ क्षेत्र में एक इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर पार्क विकसित किया जा रहा है। इस क्लस्टर में अब तक 16 औद्योगिक इकाइयों को आवंटन किया जा चुका है, जिससे भविष्य में युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। इसी क्रम में, काशीपुर-रामनगर राजमार्ग को चार लेन में उन्नत करने के लिए 494 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि स्वीकृत की गई है। इसके अतिरिक्त, यहां 3 किलोमीटर लंबा एक मिनी बाईपास भी प्रारंभ हो चुका है। मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि 4 करोड़ रुपये की लागत से सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय का निर्माण कार्य पूर्ण किया गया है और 7 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से काशीपुर, हरिद्वार तथा ऋषिकेश में ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, लगभग 1,950 करोड़ रुपये की लागत से काशीपुर में पेयजल, सीवरेज, सड़क सुधार और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ाई जा रही हैं। इसके अतिरिक्त, क्षेत्र में रोजगार और उद्योग को बढ़ावा देने के लिए 1100 करोड़ रुपये की औद्योगिक हब परियोजना और 100 करोड़ रुपये की अरोमा पार्क परियोजना पर भी कार्य जारी है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। उन्होंने बताया कि शहर में बहुमंजिला पार्किंग और नए तहसील कार्यालय का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार चैती मंदिर को मानसखंड कॉरिडोर से जोड़कर इसे एक प्रमुख सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए भी तेजी से कार्य कर रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लक्ष्य काशीपुर को एक औद्योगिक नगर के साथ-साथ आस्था और श्रद्धा की नगरी के रूप में भी एक विशिष्ट पहचान दिलाना है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार विकास के साथ-साथ उत्तराखंड की पहचान, संस्कृति और सामाजिक संतुलन की रक्षा के लिए भी लगातार ठोस कदम उठा रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून और दंगारोधी कानून लागू किए गए हैं। ऑपरेशन कालनेमि के तहत राज्य में सनातन धर्म को बदनाम करने वालों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जहां समान नागरिक संहिता लागू की गई है। भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार द्वारा कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए राज्य में एक सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। इसके परिणामस्वरूप, पिछले साढ़े चार वर्षों में 32 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। सरकार काशीपुर में यातायात जाम की समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए ओवरब्रिज का निर्माण कर रही है, सड़कों का चौड़ीकरण कर रही है और उद्योगों के लिए एक सुरक्षित माहौल तैयार कर रही है।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री एवं जनपद प्रभारी प्रदीप बत्रा, विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, विधायक शिव अरोरा और जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य उपस्थित थे। अन्य गणमान्य व्यक्तियों में मेयर दीपक बाली, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, बलराज पासी, विनय रुहेला, फरजाना बेगम, शंकर कोरंगा, मंजीत सिंह राजू, पूर्व विधायक हरभजन सिंह चीमा, डॉ. शैलेन्द्र मोहन सिंघल, राजेश कुमार, ऊषा चौधरी और सतीश भट्ट शामिल थे। प्रशासनिक अधिकारियों में जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, प्राधिकरण के वीसी जय किशन और अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।