
चम्पावत: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य आंदोलन के दौरान शहीद हुए राज्य आंदोलनकारियों के आश्रितों की पेंशन में वृद्धि की घोषणा की है। पहले दी जा रही 3000 रुपये प्रतिमाह की पेंशन को बढ़ाकर अब 5500 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है।
इसके अतिरिक्त, राज्य आंदोलन में 07 दिन जेल गए अथवा आंदोलन के दौरान घायल हुए आंदोलनकारियों की मासिक पेंशन को भी बढ़ाया गया है। अब उन्हें ₹6,000 के स्थान पर ₹7,000 प्रतिमाह पेंशन मिलेगी।
यह निर्णय उन शहीदों के परिवारों को सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से लिया गया है, जिन्होंने उत्तराखंड राज्य के निर्माण में योगदान दिया।
यह निर्णय राज्यपाल की स्वीकृति और वित्त विभाग की सहमति के बाद लागू किया गया है। पेंशन का वितरण सुनिश्चित करने के लिए सभी वित्तीय नियमों और दिशा-निर्देशों का पालन किया जाएगा। इस व्यय का वहन चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के अनुदान संख्या-07 के तहत किया जाएगा।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य आंदोलन इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय है, जिसमें कई लोगों ने बलिदान दिया। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार शहीदों और उनके आश्रितों की सहायता और सम्मान को महत्व देती है।
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि यह कदम उत्तराखंड सरकार की नीतियों का एक भाग है, जो राज्य के विकास और नागरिकों के हितों पर केंद्रित है। उन्होंने आगे कहा कि पेंशन में यह वृद्धि आश्रितों को आर्थिक सुरक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।