अंकिता भंडारी के नाम अमर होगी यादें: उत्तराखंड सरकार का बड़ा फैसला, डोभ राजकीय नर्सिंग कॉलेज का नाम बदला

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श्रीनगर -उत्तराखंड सरकार ने एक अहम और भावनात्मक निर्णय लेते हुए चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन संचालित राजकीय नर्सिंग कॉलेज डोभ (श्रीनगर गढ़वाल) का नाम स्वर्गीय अंकिता भंडारी के नाम पर रखने का निर्णय लिया है। इस संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर शासन द्वारा विधिवत शासनादेश जारी कर दिया गया है। यह आदेश बृहस्पतिवार को जारी हुआ, जिसके बाद कॉलेज का आधिकारिक नाम परिवर्तन प्रभाव में आ गया है।

राजकीय नर्सिंग कॉलेज डोभ, जो कि श्रीनगर गढ़वाल क्षेत्र में स्थित है, अब स्व. अंकिता भंडारी राजकीय नर्सिंग कॉलेज के नाम से जाना जाएगा। चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा डॉ. आर. राजेश कुमार द्वारा नाम परिवर्तन से संबंधित शासनादेश जारी किया गया। शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि कॉलेज के सभी शैक्षणिक, प्रशासनिक और आधिकारिक दस्तावेजों में नया नाम लागू किया जाएगा।

पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद लिया गया निर्णय

बीते बुधवार को अंकिता भंडारी के पिता वीरेंद्र भंडारी और माता सोनी देवी ने देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने अपनी भावनाएं साझा कीं और पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच कराए जाने का अनुरोध भी किया। साथ ही परिवार से जुड़े कुछ व्यक्तिगत और संवेदनशील विषयों पर भी मुख्यमंत्री से चर्चा हुई थी।

मुख्यमंत्री धामी ने पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार इस दुख की घड़ी में उनके साथ मजबूती से खड़ी है और उनकी भावनाओं का पूरा सम्मान किया जाएगा। इसी क्रम में, परिवार की भावनाओं के अनुरूप और समाज में एक सकारात्मक संदेश देने के उद्देश्य से नर्सिंग कॉलेज का नाम स्व. अंकिता भंडारी के नाम पर रखने का निर्णय लिया गया।

सामाजिक संदेश और स्मृति का प्रतीक

सरकार का मानना है कि यह निर्णय न केवल अंकिता भंडारी की स्मृति को चिरस्थायी बनाएगा, बल्कि स्वास्थ्य शिक्षा से जुड़े विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा। नर्सिंग जैसे सेवा-प्रधान क्षेत्र में अध्ययन करने वाले छात्र-छात्राएं इस नाम के माध्यम से संवेदनशीलता, जिम्मेदारी और समाज के प्रति उत्तरदायित्व की भावना को और गहराई से समझ सकेंगे।

राज्य सरकार के अधिकारियों के अनुसार, नामकरण का उद्देश्य किसी भी राजनीतिक लाभ से परे है। यह एक मानवीय और संवेदनशील पहल है, जिससे यह संदेश जाए कि सरकार पीड़ितों और उनके परिवारों की भावनाओं को गंभीरता से सुनती है और उनके सम्मान के लिए ठोस कदम उठाती है।

जनता और सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रिया

कॉलेज के नाम परिवर्तन के फैसले के बाद राज्य भर में इस पर मिश्रित लेकिन व्यापक चर्चा देखने को मिली है। कई सामाजिक संगठनों, छात्र समूहों और आम नागरिकों ने इस निर्णय को सही दिशा में उठाया गया कदम बताया है। उनका कहना है कि इस तरह के निर्णय समाज में संवेदनशीलता और न्याय के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देते हैं।

हालांकि कुछ लोगों ने यह भी कहा है कि नामकरण के साथ-साथ मामले में न्यायिक प्रक्रिया को भी पूरी पारदर्शिता और तत्परता के साथ आगे बढ़ाया जाना चाहिए, ताकि पीड़ित परिवार को वास्तविक न्याय मिल सके।

सरकार का स्पष्ट रुख

सरकार की ओर से यह दोहराया गया है कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए सभी कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं नियमानुसार जारी रहेंगी। नामकरण का यह निर्णय उस व्यापक प्रयास का हिस्सा है, जिसके तहत राज्य सरकार पीड़ितों के प्रति संवेदनशील और जवाबदेह शासन का संदेश देना चाहती है।

कुल मिलाकर, राजकीय नर्सिंग कॉलेज डोभ का नाम स्व. अंकिता भंडारी के नाम पर किया जाना उत्तराखंड के प्रशासनिक और सामाजिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो आने वाले समय में शिक्षा और समाज दोनों क्षेत्रों में एक प्रतीकात्मक पहचान बनाएगा।

इस निर्णय के बाद नर्सिंग कॉलेज प्रशासन को कॉलेज परिसर में नामपट्टिका, साइनबोर्ड, लेटरहेड, वेबसाइट और अन्य शासकीय अभिलेखों में नाम परिवर्तन की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, आगामी शैक्षणिक सत्र से विद्यार्थियों को प्रवेश, परीक्षाओं और प्रमाण पत्रों में नया नाम ही अंकित मिलेगा। सरकार का मानना है कि इस पहल से न केवल अंकिता भंडारी की स्मृति को सम्मान मिलेगा, बल्कि राज्य में महिलाओं की सुरक्षा, न्याय और संवेदनशील प्रशासन को लेकर एक मजबूत संदेश भी समाज में जाएगा।

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