
अल्मोड़ा-कुमाऊंनी लोक संगीत और रंगमंच के सशक्त हस्ताक्षर दीवान सिंह कनवाल जी का आज निधन हो गया है। उनका जाना उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
जीवन की मुख्य झलकियाँ:
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बहुमुखी कलाकार: वे एक प्रसिद्ध गायक, अभिनेता (रंगकर्मी) और कुशल निर्देशक थे।
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लोकप्रिय गीत: हाल ही में उनका गाया गीत ‘द्वी दिनों का डीयार शेरुवा’ काफी लोकप्रिय हुआ। उन्होंने ‘मेघा आ’ जैसी फिल्मों में भी अपनी आवाज दी थी।
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हुक्का क्लब से नाता: अल्मोड़ा के ऐतिहासिक लक्ष्मी भंडार (हुक्का क्लब) से वे गहरे से जुड़े थे, जहाँ वे दशरथ का जीवंत अभिनय करते थे और संस्थान का मार्गदर्शन करते थे।
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रंगमंच का अनुभव: उन्होंने दिल्ली में मोहन उप्रेती जी के साथ लोक नाटकों की बारीकियां सीखीं और ‘अजुआ बफौल’ जैसे कई नाटकों का निर्देशन किया।
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पेशेवर जीवन: वे अल्मोड़ा को-ऑपरेटिव बैंक में शाखा प्रबंधक के पद पर कार्यरत थे।
“अपनी कला और सादगी के माध्यम से वे सदैव हमारे दिलों में जीवित रहेंगे।”