अल्मोड़ा में सीबीएसई बोर्ड परीक्षाओं के लिए निषेधाज्ञा लागू

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अल्मोड़ा: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की आगामी परीक्षाओं के सफल और शांतिपूर्ण संचालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अल्मोड़ा जिले में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। परगना मजिस्ट्रेट, जैंती-भनोली, सौम्या गर्ब्याल ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की है। यह निषेधाज्ञा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 की धारा-163 के अंतर्गत जारी की गई है, जिसका प्राथमिक लक्ष्य परीक्षा केंद्रों पर शांति व्यवस्था बनाए रखना है।

यह महत्वपूर्ण परीक्षाएं दिनांक 17 फरवरी, 2026 से प्रारंभ होकर 10 अप्रैल, 2026 तक संचालित होंगी। परीक्षा के आयोजन के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या बाधा को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। परगना मजिस्ट्रेट ने बताया कि ऐसी आशंकाएं हैं कि कुछ असामाजिक और अवांछनीय तत्व इस अवधि में सांप्रदायिक और जातिगत भावनाओं को भड़काकर लोक शांति को भंग करने का प्रयास कर सकते हैं। इन संभावित खतरों के मद्देनजर प्रभावी निरोधात्मक उपायों को तत्काल और अनिवार्य रूप से लागू करने की आवश्यकता महसूस की गई है।

निषेधाज्ञा के तहत, परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर की परिधि के भीतर कई गतिविधियों पर सख्त प्रतिबंध लगाए गए हैं। इन प्रतिबंधों में किसी भी व्यक्ति द्वारा अस्त्र-शस्त्र, अग्नेयास्त्र, धारदार हथियार, लाठी-डंडा लेकर चलना पूर्णतः वर्जित किया गया है। यह प्रावधान सुनिश्चित करता है कि परीक्षा केंद्रों के आसपास किसी भी प्रकार की हिंसा या अप्रिय घटना की संभावना को समाप्त किया जा सके, जिससे छात्रों और स्टाफ के लिए एक सुरक्षित वातावरण बन सके।

हालांकि, यह आदेश सुरक्षा बलों, शांति व्यवस्था बनाए रखने में लगे कार्मिकों और अर्धसैनिक बलों पर लागू नहीं होगा। इन विशेष परिस्थितियों में, इन कर्मियों को अपनी ड्यूटी के निर्वहन के लिए आवश्यक उपकरण ले जाने की छूट दी गई है। इसके अतिरिक्त, परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर की परिधि के अंदर किसी भी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश भी निषिद्ध किया गया है। यह नियम सुनिश्चित करता है कि केवल संबंधित व्यक्ति ही परीक्षा क्षेत्र में प्रवेश कर सकें, जिससे अनावश्यक भीड़ और व्यवधान को रोका जा सके।

प्रवेश संबंधी प्रतिबंध परीक्षार्थियों, शांति व्यवस्था में तैनात पुलिस बलों और परीक्षा केंद्र पर ड्यूटी में तैनात प्राधिकृत व्यक्तियों पर लागू नहीं होगा। इन सभी व्यक्तियों को वैध पहचान और उद्देश्य के साथ परीक्षा क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति होगी। निषेधाज्ञा में स्पष्ट किया गया है कि कोई भी व्यक्ति परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर की परिधि के भीतर ईंट, पत्थर, रोड़े या फेंक कर मारी जाने वाली वस्तुएं एकत्रित नहीं करेगा और न ही किसी को ऐसा करने देगा। यह प्रावधान किसी भी प्रकार के पथराव या हिंसक प्रदर्शन की संभावना को रोकने के लिए बनाया गया है।

परीक्षा केंद्रों से 100 गज के आसपास भी कुछ विशेष प्रतिबंध प्रभावी रहेंगे। इस क्षेत्र में परीक्षा को प्रभावित करने के उद्देश्य से पांच या उससे अधिक व्यक्तियों का एक झुंड बनाकर एक स्थान पर एकत्रित होना प्रतिबंधित है। यह नियम भीड़ जमा होने और संभावित गड़बड़ी पैदा करने से रोकने के लिए लागू किया गया है। इसी प्रकार, बिना किसी पूर्व अनुमति के परीक्षा के दौरान कोई भी व्यक्ति ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग नहीं करेगा और न ही किसी भी प्रकार के भाषण देगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि परीक्षा के माहौल में कोई अनावश्यक शोर या प्रचार न हो।

यह निषेधाज्ञा परीक्षा केंद्रों में 17 फरवरी, 2026 से 10 अप्रैल, 2026 तक, परीक्षा की निर्धारित तिथियों पर, परीक्षा प्रारंभ होने से लेकर परीक्षा समाप्त होने तक प्रभावी रहेगी। यह आदेश तब तक लागू रहेगा, जब तक कि इसे संबंधित प्राधिकारी द्वारा निरस्त न कर दिया जाए। परगना मजिस्ट्रेट ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति इस आदेश का उल्लंघन करता है, तो उसका यह कृत्य भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के अंतर्गत एक दंडनीय अपराध माना जाएगा। इन कड़े प्रावधानों का उद्देश्य परीक्षा अवधि के दौरान पूर्ण शांति, सुरक्षा और सुव्यवस्था बनाए रखना है।

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