ब्रेकिंग: यूपीसीएल कार्यालय में डीएम का औचक निरीक्षण, अधिशासी अभियंता सहित छह कार्मिक अनुपस्थित मिले

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चम्पावत जनपद में सरकारी कार्यालयों की कार्यप्रणाली को पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितैषी बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने सोमवार को यूपीसीएल कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कार्यालय में बड़ी लापरवाही सामने आई। शाम 5 बजे से पहले ही अधिशासी अभियंता सहित छह कार्मिक कार्यालय से अनुपस्थित पाए गए। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए।

बिना अनुमति कार्यालय से गायब मिले कर्मचारी

औचक निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कर्मचारियों की उपस्थिति, कार्यालय अभिलेखों, आरटीआई रजिस्टर, सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों और कार्यालय व्यवस्था की गहन समीक्षा की। जांच के दौरान यह सामने आया कि अधिशासी अभियंता सहित छह कार्मिक निर्धारित समय से पहले ही कार्यालय से अनुपस्थित थे।

जिलाधिकारी ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि बिना अनुमति कार्यालय से अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालय जनता की सेवा के लिए हैं और कार्यालय समय में अधिकारियों-कर्मचारियों की उपस्थिति अनिवार्य है।

सीएम हेल्पलाइन शिकायतों पर लापरवाही से डीएम नाराज

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों की भी विस्तार से समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने एक शिकायतकर्ता से स्वयं दूरभाष पर बात कर मामले की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली। बातचीत में शिकायतकर्ता ने बताया कि उसे नवंबर 2025 में 14 हजार रुपये और फरवरी 2026 में 6,075 रुपये का बिजली बिल प्राप्त हुआ था, जिसका उसने भुगतान भी कर दिया था।

शिकायतकर्ता के अनुसार इसके बावजूद मार्च और अप्रैल माह का लगभग 88 हजार रुपये का अत्यधिक बिजली बिल जारी कर दिया गया। कई बार विभाग को अवगत कराने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं किया गया। इस मामले को लेकर जिलाधिकारी ने विभागीय कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताई।

88 हजार रुपये के बिजली बिल मामले की जांच के निर्देश

शिकायतकर्ता से बातचीत के बाद जिलाधिकारी ने कहा कि प्रथम दृष्टया प्रकरण में विभागीय लापरवाही दिखाई देती है। उन्होंने अधिशासी अभियंता को तत्काल स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने, प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और निर्धारित समयसीमा के भीतर शिकायत का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने साफ कहा कि सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही, उदासीनता या टालमटोल स्वीकार नहीं की जाएगी। जनता की समस्याओं का समयबद्ध और संतोषजनक समाधान करना प्रत्येक अधिकारी की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

लापरवाही करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

डीएम मनीष कुमार ने चेतावनी देते हुए कहा कि जनसमस्याओं के समाधान में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकारी तंत्र का उद्देश्य आमजन को राहत देना है, न कि लोगों को कार्यालयों के चक्कर लगाने के लिए मजबूर करना।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजों में नहीं, बल्कि वास्तविक रूप से संतोषजनक तरीके से किया जाए। शिकायतकर्ता से संवाद कर समस्या की स्थिति समझी जाए और समाधान के बाद उसका उचित सत्यापन भी किया जाए।

सौरई और तामली क्षेत्र की बिजली व्यवस्था सुधारने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सीमांत क्षेत्र सौरई और तामली में बार-बार बाधित हो रही विद्युत आपूर्ति पर भी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन क्षेत्रों में विद्युत व्यवस्था में तत्काल सुधार किया जाए और बार-बार आने वाली विद्युत बाधाओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए।

डीएम ने कहा कि सीमांत और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराना विभाग की जिम्मेदारी है। बिजली आपूर्ति में बार-बार बाधा आने से आमजन, विद्यार्थी, व्यापारी और अन्य उपभोक्ता प्रभावित होते हैं, इसलिए इस समस्या को गंभीरता से लिया जाए।

झूलते तारों को ठीक कराने के निर्देश

जिलाधिकारी ने सौरई और तामली क्षेत्र सहित अन्य स्थानों पर झूलते विद्युत तारों को भी शीघ्र ठीक कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि झूलते तार लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं। ऐसे मामलों में विभाग किसी प्रकार की देरी न करे और प्राथमिकता के आधार पर सुधार कार्य कराए।

जनहित से जुड़े मामलों में शिथिलता बर्दाश्त नहीं

डीएम मनीष कुमार ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी विभाग जनता की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करें, ताकि लोगों को बेहतर प्रशासनिक सेवाएं मिल सकें।

उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता जनता को समय पर राहत देना है। कार्यालयों में अनुशासन, जवाबदेही और संवेदनशीलता बनाए रखना प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी की जिम्मेदारी है।

निरीक्षण से विभागीय कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

यूपीसीएल कार्यालय में जिलाधिकारी के औचक निरीक्षण के दौरान कर्मचारियों की अनुपस्थिति, सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही और बिजली आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं ने विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। जिलाधिकारी द्वारा दिए गए निर्देशों के बाद अब संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से जवाब तलब किया जाएगा।

कुल मिलाकर, डीएम के औचक निरीक्षण ने साफ संदेश दिया है कि सरकारी कार्यालयों में लापरवाही, अनुपस्थिति और जनशिकायतों को नजरअंदाज करने की प्रवृत्ति अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि जनता की समस्याओं का समाधान समयबद्ध और जिम्मेदारी के साथ करना ही अधिकारियों की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।