
चम्पावत,: उत्तराखंड से होकर संचालित हो रही पावन कैलाश मानसरोवर यात्रा का शुभारंभ टनकपुर से हो गया है। शनिवार सायंकाल यात्रा का पहला 51 सदस्यीय दल शारदा पर्यटक आवास गृह, टनकपुर पहुंचा। यहां देवभूमि उत्तराखंड की परंपरा के अनुरूप श्रद्धालुओं का छोलिया नृत्य, पुष्पवर्षा, फूल-मालाओं और आत्मीय अभिनंदन के साथ भव्य स्वागत किया गया।
टनकपुर में शिवभक्तों के आगमन से पूरे क्षेत्र में उत्साह और श्रद्धा का वातावरण दिखाई दिया। “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा। स्थानीय प्रशासन और पर्यटन विभाग की ओर से यात्रियों के स्वागत और ठहरने की सभी व्यवस्थाएं की गईं।
51 सदस्यीय प्रथम दल में 36 पुरुष और 15 महिला श्रद्धालु शामिल
शारदा पर्यटक आवास गृह के प्रबंधक मनोज कुमार ने बताया कि कैलाश मानसरोवर यात्रा के प्रथम दल में एक चिकित्सक सहित कुल 51 तीर्थयात्री शामिल हैं। इनमें 36 पुरुष और 15 महिला श्रद्धालु हैं।
यात्रियों के सम्मान में शनिवार सायंकाल सांस्कृतिक संध्या का आयोजन भी किया जाएगा। इस दौरान उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति, लोक कलाओं और पारंपरिक प्रस्तुतियों के माध्यम से तीर्थयात्रियों का स्वागत किया जाएगा।
देश के 13 राज्यों से पहुंचे श्रद्धालु
प्रथम दल में देश के अलग-अलग राज्यों से श्रद्धालु शामिल हुए हैं। यह दल भारत की सांस्कृतिक विविधता, राष्ट्रीय एकता और भगवान शिव के प्रति अटूट आस्था का सुंदर उदाहरण प्रस्तुत करता है।
दल में आंध्र प्रदेश से 2, दिल्ली से 7, गुजरात से 3, हरियाणा से 3, झारखंड से 1, कर्नाटक से 2, मध्य प्रदेश से 1, महाराष्ट्र से 9, राजस्थान से 13, तमिलनाडु से 3, तेलंगाना से 1, उत्तर प्रदेश से 5 और उत्तराखंड से 1 तीर्थयात्री शामिल हैं।
68 वर्षीय पुरुषोत्तम सबसे वरिष्ठ, 21 वर्षीय हरिकृष्णा सबसे युवा श्रद्धालु
इस दल के साथ तमिलनाडु से डॉ. अरुण कुमार चिकित्सक के रूप में सम्मिलित हैं। वहीं राजस्थान निवासी 68 वर्षीय पुरुषोत्तम खंडेलवाल इस दल के सबसे वरिष्ठ तीर्थयात्री हैं। गुजरात के 21 वर्षीय हरिकृष्णा दल के सबसे युवा श्रद्धालु हैं।
वरिष्ठ और युवा श्रद्धालुओं की सहभागिता यह दर्शाती है कि कैलाश मानसरोवर यात्रा के प्रति आस्था और उत्साह हर आयु वर्ग के लोगों में समान रूप से विद्यमान है। भगवान शिव के प्रति श्रद्धा ही इस यात्रा को आध्यात्मिक रूप से विशेष बनाती है।
रविवार को मुख्यमंत्री धामी दिखाएंगे हरी झंडी
रविवार, 5 जुलाई को प्रातः 8 बजे प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शारदा पर्यटक आवास गृह, टनकपुर में विधिवत पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री प्रथम दल को हरी झंडी दिखाकर कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए रवाना करेंगे।
मुख्यमंत्री की उपस्थिति में होने वाला यह कार्यक्रम टनकपुर और चम्पावत जनपद के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यात्रा के शुभारंभ को लेकर प्रशासन, पर्यटन विभाग और स्थानीय लोगों में विशेष उत्साह है।
टनकपुर मार्ग से यात्रा संचालन से चम्पावत को मिली नई पहचान
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विशेष प्रयासों से लगातार दूसरे वर्ष कैलाश मानसरोवर यात्रा का संचालन टनकपुर मार्ग से किया जा रहा है। इस मार्ग से यात्रा शुरू होने के बाद सीमांत जनपद चम्पावत को धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान मिली है।
कैलाश मानसरोवर यात्रा से स्थानीय व्यापार, पर्यटन, परिवहन, होटल व्यवसाय और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिल रहा है। श्रद्धालुओं की आवाजाही से क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों में भी सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल रहा है।
शिवभक्तों के स्वागत को तैयार देवभूमि
टनकपुर में प्रथम जत्थे के आगमन के साथ ही कैलाश मानसरोवर यात्रा का उत्साह चरम पर है। श्रद्धालुओं के स्वागत में देवभूमि उत्तराखंड ने अपनी संस्कृति, परंपरा और आतिथ्य भाव की सुंदर झलक प्रस्तुत की।
भगवान शिव के भक्तों के लिए यह यात्रा केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि आस्था, साहस, अनुशासन और आध्यात्मिक अनुभव का विशेष अवसर है। प्रथम दल के आगमन के साथ टनकपुर से कैलाश मानसरोवर यात्रा का शुभारंभ पूरे श्रद्धाभाव और उत्साह के साथ हो गया है।