
अल्मोड़ा: कलेक्ट्रेट स्थित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष में जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अंशुल सिंह की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जनपद के विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। बैठक का मुख्य केंद्र विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम रहा, जिसके सफल क्रियान्वयन और विभिन्न चरणों की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने निर्वाचन प्रक्रिया में बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) प्रथम और द्वितीय की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने बूथ लेवल एजेंटों को सक्रिय करें। उन्होंने निर्वाचन कार्य को सुव्यवस्थित ढंग से पूरा करने के लिए बीएलए और बूथ लेवल अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष बल दिया ताकि पुनरीक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।
प्रशिक्षण के क्रम में बैठक में गणना प्रपत्र को भरने की विधि का डेमो प्रदर्शित किया गया और इससे संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश साझा किए गए। इसके अतिरिक्त, दावे एवं आपत्तियों की प्रक्रिया, पात्र मतदाताओं के नामों का भौतिक सत्यापन, नए नाम जोड़ने की विधि, वर्तमान नामों में त्रुटियों के संशोधन और अन्य महत्वपूर्ण निर्वाचन संबंधी तकनीकी प्रक्रियाओं के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य निर्वाचक नामावली को पूरी तरह से शुद्ध, त्रुटिरहित और अद्यतन बनाना है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और बूथ लेवल एजेंटों की सक्रिय सहभागिता और आपसी सहयोग को अनिवार्य बताया। उन्होंने सभी उपस्थित सदस्यों से यह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया कि जनपद का कोई भी पात्र मतदाता निर्वाचन नामावली में शामिल होने से वंचित न रह जाए।
बैठक में उपस्थित राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव भी प्रस्तुत किए, जिनका निर्वाचन विभाग द्वारा समाधान किया गया। जिलाधिकारी ने सभी के सहयोग से कार्यक्रम को सफल बनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्र सहित विभिन्न दलों के प्रतिनिधि और निर्वाचन विभाग के अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।