
पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के गठन का दूसरा चरण सोमवार को पूरा होने जा रहा है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार के मंत्रिमंडल का आज विस्तार होगा, जिसमें 35 नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई जाएगी।
याद दिला दें कि राज्य की 294 सदस्यीय विधानसभा में स्पष्ट बहुमत हासिल कर भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन को समाप्त किया था, जिसके बाद 9 मई को सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।
नबन्ना में सुबह 11 बजे होगा शपथ ग्रहण
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर इस विस्तार की आधिकारिक जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि शपथ ग्रहण समारोह सोमवार सुबह 11 बजे राज्य सचिवालय ‘नबन्ना’ में आयोजित किया जाएगा। राज्यपाल आरएन रवि सभी नए मंत्रियों को पद की शपथ दिलाएंगे।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस विस्तार के जरिए भाजपा सरकार प्रशासनिक स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों, समुदायों और सामाजिक वर्गों को संतुलित प्रतिनिधित्व देने का प्रयास कर रही है।
इन प्रमुख नामों पर टिकी हैं निगाहें
सूत्रों के हवाले से मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले कई बड़े चेहरों की चर्चा तेज है। क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरणों को साधने के लिए कई दिग्गजों को जिम्मेदारी दी जा सकती है:
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उत्तर बंगाल से प्रतिनिधित्व: माथाभांगा के विधायक निशीथ प्रमाणिक को कैबिनेट मंत्री बनाए जाने की संभावना है। वहीं, कूचबिहार-दक्षिण के विधायक रथींद्र बोस को विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) की जिम्मेदारी मिलने के बाद इस क्षेत्र के दो अन्य विधायकों, दीपक बर्मन और शंकर घोष को भी मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है।
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वरिष्ठ नेताओं को अहम विभाग: पत्रकारिता से राजनीति में आए पूर्व राज्यसभा सांसद स्वपन दासगुप्ता को उच्च शिक्षा मंत्री बनाया जा सकता है। इसके अलावा पार्टी के वरिष्ठ नेता जगन्नाथ चट्टोपाध्याय को भी सरकार में कोई बड़ी और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जा सकती है।
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ग्लैमर और सिनेमाई चेहरे: अभिनेता से नेता बने रुद्रनील घोष का नाम भी रेस में आगे चल रहा है।
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महिला प्रतिनिधित्व: सूत्रों का कहना है कि इस विस्तार में कम से कम दो या उससे अधिक महिला चेहरों को कैबिनेट में शामिल किया जाएगा, जिसमें लॉबी के भीतर एक प्रसिद्ध अभिनेत्री का नाम भी शामिल होने की प्रबल संभावना है।
इस विस्तार के बाद सुवेंदु सरकार पूरी तरह से प्रशासनिक एक्शन मोड में आ जाएगी, जिससे आने वाले दिनों में नीतिगत फैसलों की रफ्तार और बढ़ने की उम्मीद है।