
चंपावत-उत्तराखण्ड राज्य स्थापना दिवस की रजत जयंती के अवसर पर, गुरुवार को दुग्धसंघ चंपावत के तत्वावधान में दुग्ध समिति पाऊ एवं दुग्ध समिति मुड़ियानी में पशु चिकित्सा एवं जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया।
पाऊ केंद्र में आयोजित शिविर में लगभग 60 पशुपालकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा 104 पशुओं की स्वास्थ्य जांच की गई। वहीं मुड़ियानी केंद्र में 50 दुग्ध उत्पादकों की सहभागिता रही और 92 पशुओं का परीक्षण किया गया।
दोनों शिविरों में पशुपालकों को निःशुल्क मिनरल मिक्सचर एवं कृमिनाशक दवाएँ (फेनबेंडाजोल) वितरित की गईं। साथ ही पशुपालकों को वैज्ञानिक पद्धति से पशुपालन, संतुलित पोषण, सामान्य रोगों की पहचान व उपचार के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
शिविर में डॉ. तनुजा (पशु चिकित्सक) ने पशुपालकों से संवाद कर पशुओं के स्वास्थ्य रखरखाव और पोषण के वैज्ञानिक उपायों की जानकारी दी।
प्रभारी विपणन, दुग्धसंघ चंपावत बृजेश बगौली ने बताया कि इन शिविरों का उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर पशुपालकों को पशु स्वास्थ्य सेवाएँ एवं तकनीकी जानकारी सुलभ कराना है, जिससे दुग्ध उत्पादन और गुणवत्ता में निरंतर वृद्धि हो सके।
इस अवसर पर केदार दत्त (सदस्य, संचालक मंडल, दुग्धसंघ चंपावत), दुर्गा देवी (सचिव, दुग्ध समिति चौबे गाँव), पंकज पुजारी (ग्रुप सचिव), संजय चतुर्वेदी (ग्रुप सचिव), खीमा नंद पुजारी, ललित चौबे एवं मोहनी देवी सहित अन्य पशुपालक उपस्थित रहे।
शिविरों के माध्यम से पशुपालकों को आधुनिक पशुपालन तकनीकों से अवगत कराया गया और उन्हें आत्मनिर्भरता एवं दुग्ध उत्पादन वृद्धि की दिशा में प्रेरित किया गया।