ग्रामीण उद्यम वेग वृद्धि परियोजना: अल्मोड़ा में नवनियुक्त कार्मिकों का दो दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न

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अल्मोड़ा: ग्रामीण उद्यम वेग वृद्धि परियोजना के अंतर्गत अल्मोड़ा में एक दो दिवसीय अभिमुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम 20 और 21 मार्च 2026 को स्थानीय होटल हिमसागर में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस अभिमुखीकरण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नेशनल रूरल लाइवलीहुड मिशन (एनआरएलएम) द्वारा गठित तथा ग्रामोत्थान (रीप) द्वारा अंगीकृत क्लस्टरों में नवनियुक्त कार्मिकों को आवश्यक जानकारी प्रदान करना था। कार्यक्रम का संपूर्ण आयोजन मुख्य विकास अधिकारी के दिशानिर्देशन में किया गया।

कार्यक्रम के दूसरे दिन का शुभारंभ ग्राम्य विकास विभाग, अल्मोड़ा के परियोजना निदेशक के०एन० तिवारी ने किया। इस सत्र में जिला स्तरीय कार्मिकों ने भाग लिया, साथ ही विकासखण्ड हवालबाग, लमगड़ा, धौलादेवी, भैंसियाछाना और द्वाराहाट के अंतर्गत चयनित क्लस्टर लेवल फेडरेशन (सीएलएफ) के नवनियुक्त कार्मिक भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में कुल लगभग 70 प्रतिभागियों ने अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की।

प्रशिक्षण सत्र का विधिवत आरंभ जिला प्रबंधन इकाई, अल्मोड़ा के सहायक प्रबंधक (संस्थाएं एवं समावेशन) द्वारा किया गया, जिन्होंने सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया। इस दौरान नवनियुक्त कार्मिकों को परियोजना के विभिन्न पहलुओं और उसकी कार्यप्रणाली के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। उन्हें सहकारिता स्तर पर किए जाने वाले दस्तावेजीकरण और रिपोर्टिंग कार्यों को व्यवस्थित एवं निर्धारित समय-सीमा के भीतर संचालित करने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश भी दिए गए।

इसके उपरांत सहायक प्रबंधक (लाइवलीहुड) सुनील जोशी ने एक प्रस्तुतिकरण (पीपीटी) के माध्यम से जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से समूह सदस्यों की आजीविका को सशक्त बनाने के उद्देश्य से परियोजना के विभिन्न बिंदुओं पर गहनता से चर्चा की। परियोजना निदेशक के०एन० तिवारी ने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ करने पर बल दिया। उन्होंने यह भी आह्वान किया कि सभी कार्मिक अपने अर्जित ज्ञान का सदुपयोग करते हुए समूह से जुड़ी महिलाओं के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण योगदान दें।

प्रशिक्षण के दौरान, सभी प्रतिभागियों ने अपने द्वारा सीखे गए ज्ञान और अनुभवों को एक-दूसरे के साथ साझा किया, जिससे कार्यक्रम का प्रभाव अत्यंत सकारात्मक रहा। परियोजना निदेशक द्वारा फील्ड स्तर पर कार्य करते समय आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों और उनके संभावित समाधानों पर विस्तार से मार्गदर्शन प्रदान किया गया। इस मार्गदर्शन से प्रतिभागियों में उनके कार्य के प्रति नया उत्साह और आत्मविश्वास स्पष्ट रूप से बढ़ा।

कार्यक्रम के समापन समारोह में, परियोजना निदेशक और जिला परियोजना प्रबंधक राजेश मठपाल ने प्रशिक्षणार्थियों को फील्ड भ्रमण हेतु उपयोगी पीठ बैग और प्रमाण पत्र वितरित किए। इस अवसर पर जिला परियोजना प्रबंधक ने सभी कार्मिकों से आपसी समन्वय स्थापित करते हुए कार्य करने तथा परियोजना के निर्धारित उद्देश्यों की पूर्ति के लिए पूर्ण समर्पण भाव से प्रयास करने का आह्वान किया।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में सहायक प्रबंधक (संस्थाएं एवं समावेशन) संदीप सिंह, सहायक प्रबंधक (मूल्यांकन एवं अनुश्रवण) दीपक चंद रमोला और यंग प्रोफेशनल उत्कर्ष गुप्ता सहित अन्य संबंधित कार्मिक भी उपस्थित थे।

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