
नैनीताल: पश्चिम एशिया में ईरान और इजरायल के मध्य बढ़ते संघर्ष के मद्देनजर नैनीताल जिला प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। जिला प्रशासन उन प्रवासी जनपदवासियों की सुरक्षित वापसी के लिए विवरण एकत्र कर रहा है जो वर्तमान में इस क्षेत्र में रह रहे हैं।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि भारत सरकार द्वारा पश्चिम एशिया के विभिन्न देशों में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में, उत्तराखंड सरकार ने भी राज्य के ऐसे प्रवासी नागरिकों का विवरण संकलित करने की प्रक्रिया आरंभ की है, जो वर्तमान में पश्चिम एशिया के देशों में निवास कर रहे हैं और आवश्यकता पड़ने पर भारत लौटना चाहते हैं।
उत्तराखंड शासन के सचिव राजेंद्र कुमार द्वारा जारी एक पत्र में स्पष्ट किया गया है कि मौजूदा परिस्थितियों के आलोक में प्रदेश के सभी जिलों से ऐसे प्रवासी नागरिकों की जानकारी जुटाई जा रही है। ये नागरिक पश्चिम एशिया के विभिन्न देशों में निवास कर रहे हैं। इनमें संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, जॉर्डन, बहरीन, ईरान, इजरायल, ओमान, लेबनान, इराक, कुवैत और कतर जैसे देश प्रमुख रूप से शामिल हैं।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने जनपद के निवासियों से अपील की है। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों के सदस्य इन उल्लेखित देशों में कार्यरत हैं या निवास कर रहे हैं और वर्तमान हालात के कारण भारत वापस आना चाहते हैं, उन्हें तत्काल इसकी सूचना जिला प्रशासन को देनी चाहिए। प्रशासन द्वारा प्राप्त इस जानकारी को संकलित करके शासन स्तर पर उपलब्ध कराया जाएगा। इससे आवश्यकता पड़ने पर प्रवासी नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए उचित और समुचित कदम उठाए जा सकेंगे।
जिला प्रशासन द्वारा इस कार्य हेतु हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं। परिवार के सदस्य टोल फ्री नंबर 1077, 05942-231179, 231178 और 05942-231181 पर संपर्क करके अपने परिजनों का विवरण प्रदान कर सकते हैं।
जिलाधिकारी ने आश्वस्त किया है कि प्रवासी नागरिकों की सुरक्षा और सहायता के प्रति सरकार गंभीर है तथा स्थिति पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन द्वारा जुटाई गई सूचनाओं के आधार पर आवश्यक समन्वय स्थापित करते हुए आगामी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।