बागेश्वर में सतत विकास लक्ष्यों और विजन 2047 पर महत्वपूर्ण कार्यशाला आयोजित

IMG 20260223 WA0006
Responsive example

बागेश्वर: मुख्य विकास अधिकारी आर.सी. तिवारी की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला सतत विकास लक्ष्य (SDGs), डेटा इकोसिस्टम, पीएम गतिशक्ति तथा उत्तराखण्ड विजन 2047 जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्रित रही। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य जनपद स्तर पर विभिन्न सरकारी योजनाओं का प्रभावी तरीके से क्रियान्वयन सुनिश्चित करना था। इसके अतिरिक्त, विभागों के बीच समन्वित कार्यप्रणाली को बढ़ावा देना और लक्ष्य आधारित प्रगति की दिशा में आगे बढ़ना भी इस आयोजन के प्रमुख लक्ष्यों में शामिल था।

मुख्य विकास अधिकारी ने इस अवसर पर सभी विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनपद को सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में प्रदेश भर में प्रथम स्थान पर लाने के लिए प्रत्येक लक्ष्य की शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने आगे जानकारी देते हुए बताया कि जिले के प्राथमिक क्षेत्र में कीवी उत्पादन, विभिन्न प्रकार की सब्जी उत्पादन, औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती के साथ-साथ पारंपरिक कृषि पद्धतियों को भी विशेष रूप से प्राथमिकता प्रदान की जा रही है। इन प्रयासों का उद्देश्य स्थानीय अर्थव्यवस्था को और अधिक सशक्त तथा आत्मनिर्भर बनाना है।

पीएम गतिशक्ति योजना के अंतर्गत, मुख्य विकास अधिकारी ने सभी विभागों को जीआईएस आधारित एकीकृत योजना एवं निगरानी प्रणाली का प्रभावी उपयोग करने पर विशेष बल दिया। उनका मानना था कि इससे आधारभूत संरचना से संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बढ़ेगी और कार्य की गति में भी तेजी आएगी। इसके साथ ही, विकसित भारत विजन 2047 के निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए विभागों के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित करने और एक ठोस एवं दीर्घकालिक रणनीति तैयार करने के भी निर्देश दिए गए।

कार्यशाला के दौरान नियोजन विभाग से आए विशेषज्ञ अजय पुरोहित और नवीन कोरी ने सतत विकास के 17 लक्ष्यों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। इनमें गरीबी उन्मूलन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं एवं लैंगिक समानता जैसे प्रमुख लक्ष्य शामिल थे, जिनकी वर्तमान स्थिति पर भी प्रकाश डाला गया। विशेषज्ञों ने जिला स्तर पर उन संकेतकों पर विशेष ध्यान केंद्रित करने का सुझाव दिया, जिन्हें आसानी से प्राप्त किया जा सकता है, जिन्हें ‘लो हैंगिंग फ्रूट्स’ कहा जाता है। उन्होंने आकांक्षी विकास खंडों में नीति आयोग के अनुरूप सुधारात्मक पहल करने के संबंध में अधिकारियों को प्रशिक्षण भी प्रदान किया।

पीएम गतिशक्ति के विशेषज्ञ द्वारा आधारभूत संरचना की कमियों का विश्लेषण करने तथा स्वास्थ्य केंद्रों एवं आंगनवाड़ी केंद्रों की वास्तविक स्थिति को भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) के माध्यम से आंकने के व्यावहारिक उपायों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया गया। नियोजन विभाग के विशेषज्ञों ने विजन 2047 दस्तावेज तैयार करने की प्रक्रिया से भी अधिकारियों को अवगत कराया। इस प्रक्रिया में जनपद की क्षमता, कमजोरियां, अवसर और चुनौतियों (SWOC विश्लेषण) के आधार पर कार्ययोजना का निर्माण करना शामिल है।

इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में परियोजना निदेशक शिल्पी पंत, जिला विकास अधिकारी संगीता आर्या, अर्थ एवं संख्याधिकारी दिनेश रावत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *