
बागेश्वर। जनपद बागेश्वर में राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस पूरे हर्षोल्लास, गरिमा और देशभक्ति के वातावरण में मनाया गया। मुख्य समारोह का आयोजन ऐतिहासिक नुमाइशखेत मैदान में किया गया, जहाँ जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे ने ध्वजारोहण कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने उपस्थित जनसमूह को राष्ट्रीय एकता, अखंडता और भारतीय संविधान के प्रति पूर्ण निष्ठा की शपथ दिलाई। समारोह के दौरान नुमाइशखेत मैदान देशभक्ति के नारों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सराबोर रहा, जिसमें जनप्रतिनिधियों से लेकर आम जनता ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की।
अधिकारों के साथ कर्तव्यों का बोध जरूरी: जिलाधिकारी
जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे ने समस्त जनपदवासियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भारत का संविधान हमें न केवल मौलिक अधिकार प्रदान करता है, बल्कि देश के प्रति हमारे दायित्वों का भी बोध कराता है। उन्होंने प्रत्येक नागरिक से आह्वान किया कि वे अपनी जिम्मेदारी को ईमानदारी और निष्ठा के साथ निभाएं। जिलाधिकारी ने कहा कि यदि हम सत्य और ईमानदारी के मार्ग पर चलते हुए जनपद और प्रदेश के विकास में योगदान देंगे, तभी हम आने वाली पीढ़ी को एक बेहतर और उज्जवल भविष्य दे पाएंगे। उन्होंने स्कूली बच्चों के जज्बे और उनकी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की भी मुक्त कंठ से सराहना की।
स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग को नमन
समारोह का सबसे भावुक और गौरवपूर्ण क्षण वह था जब देश की आजादी के लिए संघर्ष करने वाले नायकों के परिवारों को सम्मानित किया गया। जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे, विधायक पार्वती दास और जिला पंचायत अध्यक्ष शोभा आर्या ने संयुक्त रूप से स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों—नंदी देवी, भगवती देवी, पार्वती देवी और बसंत बल्लभ पांडे को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया कि सेनानियों का बलिदान सदैव प्रेरणा का केंद्र बना रहेगा। इसके साथ ही, जिले में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और समाजसेवियों को भी उनके विशेष योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
नुमाइशखेत मैदान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति से ओतप्रोत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए। बच्चों द्वारा प्रस्तुत किए गए लोक नृत्यों और राष्ट्रप्रेम के गीतों ने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से न केवल भारत की विविधता में एकता का संदेश दिया गया, बल्कि उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति की झलक भी देखने को मिली।
गरिमामयी उपस्थिति
इस भव्य समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष शोभा आर्या, विधायक पार्वती दास, और नगर पालिका अध्यक्ष सुरेश खेतवाल ने शिरकत की। इसके अलावा प्रशासनिक स्तर पर पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर घोड़के, मुख्य विकास अधिकारी आर.सी. तिवारी, और अपर जिलाधिकारी एन.एस. नबियाल सहित तमाम जिला स्तरीय अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि व गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
आगे क्या बदलेगा?
बागेश्वर में इस तरह के भव्य आयोजनों से युवा पीढ़ी में संवैधानिक मूल्यों के प्रति समझ विकसित होती है। प्रशासन द्वारा उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किए जाने से सरकारी तंत्र में कार्यकुशलता और सेवा भाव बढ़ने की उम्मीद है।
आम आदमी पर प्रभाव
नुमाइशखेत जैसे सार्वजनिक मंच पर आयोजित इन कार्यक्रमों से जनता और प्रशासन के बीच सीधा जुड़ाव स्थापित होता है। स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों के सम्मान से समाज में नैतिक मूल्यों को बढ़ावा मिलता है, वहीं सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करते हैं।
निष्कर्ष (जनहित के नजरिए से)
बागेश्वर में गणतंत्र दिवस का यह सफल आयोजन एकता और प्रगति का प्रतीक है। जिलाधिकारी द्वारा कर्तव्यों के निर्वहन पर दिया गया जोर एक बेहतर समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण है। स्वतंत्रता सेनानियों का सम्मान और मेधावियों का उत्साहवर्धन जिले के सर्वांगीण विकास के संकल्प को और अधिक मजबूत करता है।