उत्तराखंड में मौसम का मिजाज बिगड़ने के आसार: कल से भारी बारिश और बर्फबारी का ‘ऑरेंज अलर्ट’, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की भी चेतावनी

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देहरादून। उत्तराखंड में अगले 48 घंटे मौसम के लिहाज से काफी चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं। मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, राज्य के पर्वतीय जनपदों में भारी बर्फबारी और मैदानी इलाकों में ओलावृष्टि व आकाशीय बिजली चमकने की प्रबल संभावना है। 26 जनवरी को मौसम सामान्य रहने के बाद, 27 और 28 जनवरी को मौसम विभाग ने जनपद-स्तरीय मौसम चेतावनी जारी की है। विशेष रूप से 27 जनवरी को उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जैसे ऊंचाई वाले इलाकों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है, जहाँ कहीं-कहीं भारी वर्षा और हिमपात जनजीवन को प्रभावित कर सकता है।


27 जनवरी: उत्तरकाशी से पिथौरागढ़ तक बर्फबारी का संकट

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 27 जनवरी को राज्य के उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जनपदों में कहीं-कहीं भारी वर्षा और बर्फबारी होने की संभावना है। इन ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी हिमपात के कारण सड़कों के बंद होने और कड़ाके की ठंड बढ़ने की स्थिति बन सकती है।

इसी दिन मैदानी और कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों—देहरादून, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी गढ़वाल, हरिद्वार, नैनीताल, अल्मोड़ा, चम्पावत और उधम सिंह नगर में मौसम अधिक उग्र रहेगा। यहाँ कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने, ओलावृष्टि होने और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

28 जनवरी: नैनीताल और ऊधम सिंह नगर में तेज हवाओं का अलर्ट

28 जनवरी को भी मौसम की तल्खी कम नहीं होगी। नैनीताल, चम्पावत और उधम सिंह नगर जनपदों में गर्जन के साथ बिजली चमकने और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने के आसार हैं। कुमाऊं मंडल के शेष जनपदों में हवा की गति थोड़ी कम (30-40 किलोमीटर प्रति घंटा) रहेगी, लेकिन आकाशीय बिजली का खतरा बना रहेगा। इसके अलावा उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में भी झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।

कारण और परिस्थितियाँ

पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण पहाड़ों में नमी बढ़ रही है, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है। पहाड़ों में बर्फबारी और मैदानों में बारिश का यह संयोग खेती और यातायात के लिए अलग-अलग परिस्थितियाँ पैदा कर रहा है। ठंडी हवाओं की रफ्तार बढ़ने से कनकनी और बढ़ने की उम्मीद है।

पाठकों और यात्रियों पर प्रभाव

  • यातायात: भारी बर्फबारी के कारण चारधाम रूट और ऊंचे इलाकों की सड़कें बाधित हो सकती हैं। पर्यटकों को सलाह दी जाती है कि वे यात्रा से पहले मार्ग की स्थिति जांच लें।

  • बिजली और संचार: झोंकेदार हवाओं के कारण बिजली की लाइनें और पेड़ों के गिरने का खतरा बना रहता है।

  • खेती: ओलावृष्टि से रबी की फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है।

आगे क्या बदलेगा?

29 और 30 जनवरी को मौसम विभाग ने किसी भी प्रकार की विशेष चेतावनी जारी नहीं की है। इन दो दिनों में मौसम के साफ होने और धूप खिलने की संभावना है, जिससे लोगों को ठंड से कुछ राहत मिल सकती है।

आम आदमी के लिए सावधानी

तेज हवाओं और ओलावृष्टि के दौरान कच्चे मकानों और पेड़ों के नीचे शरण न लें। आकाशीय बिजली चमकने के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्रयोग से बचें। किसान अपनी कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दें।

निष्कर्ष (जनहित के नजरिए से)

मौसम विभाग की यह चेतावनी प्रशासन और जनता दोनों के लिए सतर्क रहने का संकेत है। आपदा प्रबंधन तंत्र को अलर्ट मोड पर रहने की आवश्यकता है ताकि मार्ग अवरुद्ध होने या बिजली आपूर्ति बाधित होने पर तत्काल राहत पहुंचाई जा सके। सुरक्षित रहें और मौसम के अपडेट पर नजर बनाए रखें।

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